भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने कहा कि, डोपिंग प्रतिबंध के कारण क्रिकेट से दूर रहने का समय उनके लिए प्रताड़ना की तरह था लेकिन इससे उनकी रनों की भूख बढ़ गई है। बता दे, पिछले साल बीसीसीआई ने पृथ्वी शॉ 15 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन कर लिया था जो आमतौर पर खांसी की दवा में पाया जाता है।
शॉ ने आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के इंस्टाग्राम लाइव सत्र में कहा, वह गलती थी। क्रिकेट से दूर रहने का समय प्रताड़ना की तरह था। शक और सवाल पैदा होते हैं लेकिन मैंने विश्वास बनाए रखा। मैंने कुछ समय लंदन में बिताया जहां अपनी फिटनेस पर काम किया। प्रतिबंध पूरा होने पर मैंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और मेरी रनों की भूख बढ़ गई थी। मैंने बल्ला उठाया तो अहसास हुआ कि मेरी लय खोई नहीं है। इससे मेरी दृढता बढ़ गई।
आगे उन्होंने कहा, हममें से अधिकांश के पास संयम नहीं है। इस पर काम करना होगा। हर किसी को तलाशना होगा कि उसे क्या पसंद है और उसमें परिपक्वता लानी होगी। इससे अधिक संयमित होने में मदद मिलेगी।