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योगी सरकार के फैसले से ‘सपा’ को लगी मिर्ची, BJP नेता ने पलटवार कर कहा- सपा यूपी में चाहती है तालिबान शासन

यूपी बीजेपी के महामंत्री और गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी अनूप गुप्ता ने बलिया विधानसभा की बैठक में मीडिया के सवाल पर कहा कि सपा का यही चरित्र है ।सपा सरकार के दौरान बम ब्लास्ट के आरोपियों से मुकदमा हटाने का काम किया गया।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: अमित कुमार/ सत्यम दुबे

बलिया: सीएम योगी आदित्यनाथ के एक फैसले से इन दिनों सूबे में काफी हलचल है। वैसे तो सीएम योगी 23 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए कड़े से कड़े फैसले को लेने से नहीं चूक रहें हैं। हाल ही में उन्होने सहारनपुर जिले के देवबंद में ATS कमांडो सेंटर खोलने की घोषणा की है। योगी सरकार लोगो की सुरक्षा को लेकर इस कदर चिंतित है कि घोषणा करते ही दो हजार वर्ग मीटर जमीने भी दे दी है।

 

योगी सरकार के इस फैसले पर विपक्षियों खासकर समाजवादी पार्टी को मिर्चि लग गई है। समाजवादी पार्टी के नेता योगी सरकार के इस फैसले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहें हैं। उनका सरकार पर सीधा आरोप है कि सरकार एक खास समुदाय को डराने की कोशिश कर रही है। ऐसे दौर में जब तालिबान दुनिया के लिए एक चिंता बनकर उभरा है। उस दौर में समाजवादी पार्टी के नेताओं की ऐसी बयान बाजी केलव राजनीति से ओत-प्रोत दिखाई दे रही है।

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने सपा पर जमकर पलटवार किया है। यूपी बीजेपी के महामंत्री और गोरखपुर क्षेत्र के प्रभारी अनूप गुप्ता ने बलिया विधानसभा की बैठक में मीडिया के सवाल पर कहा कि सपा का यही चरित्र है ।सपा सरकार के दौरान बम ब्लास्ट के आरोपियों से मुकदमा हटाने का काम किया गया।

उन्होने सपा पर हमला करते हुए आगे कहा कि पिछले दिनों NIA ने जिन्हें पकड़ा उनके पक्ष में अखिलेश यादव ने बयान दिया। वैसे ही बयानबाजी उनके सांसद भी कर रहे है। वो तो  यूपी के अन्दर  तालिबान का शासन चाहते हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इसका स्पस्टीकरण दें कि वो तालिबान का शासन चाहते हैं या जनता और लोकतंत्र का शासन।

योगी सरकार के इस फैसले की जमकर तारीफ हो रही है। प्रदेश में बीते दिनों आतंकी धमकियों तथा हरकतों के बाद लखनऊ में अलकायदा समर्थित संगठन के दो आतंकियों को पकड़ने के बाद सरकार ने उत्तर प्रदेश ATS का दायरा भी बढ़ाने का फैसला किया। इसी के तहत सरकार देवबंद में ATS कमांडो सेंटर खोलने जा रही है।

आंतरिक सुरक्षा के लिए बढ़ते इन खतरों के लिहाज से जांच व सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपने कदम मजबूती से बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इस कड़ी में देवबंद से लेकर भारत-नेपाल सीमा तक आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की नई यूनिट स्थापित कर सुरक्षा का नया किला खड़ा किया जा रहा है। यहां एटीएस कमांडो की स्पेशल पुलिस आपरेशन टीम (स्पाट) भी मुस्तैद रहेंगी। लखनऊ के बाद जेवर एयरपोर्ट के सामने ATS का दूसरा बड़ा ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाने की तैयारी है। इसके लिए करीब साढ़े तीन एकड़ भूमि भी चयनित हो गई है।

सरकार ने देवबंद में ATS कमांडो सेंटर खोलने का फैसला इसलिए किया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खासकर संदिग्ध आतंकियों की गतिविधियां सामने आती रही हैं। देवबंद में ATS संदिग्धों की छानबीन व तलाश करती रही है। ऐसे में देवबंद में एटीएस की अब सीधे निगाह रहेगी। शासन ने देवबंद में उप्र लघु उद्योग निगम की दो हजार वर्ग मीटर भूमि एटीएस को आवंटित की है। उत्तराखंड व हरियाणा की सीमा के करीब होने की वजह से भी इस यूनिट को बेहद अहम माना जा रहा है।

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