यूपी सरकार गरीबों के लिए बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का दावा भले ही करती है। मगर यूपी के बलिया के जिला महिला चिकित्सालय की दुर्व्यवस्था को लेकर लोगों को धरने पर बैठना पड़ रहा है। जिला महिला चिकित्सालय में वर्षों से रखा और बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन को चालू कराने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता आज सी.एम.एस. के कार्यालय पर धरने पर बैठे है।
धरना पर बैठे लोगों की माने तो यहाँ कई सालों से अल्ट्रासाउंड होता ही नही है। जिससे गरीब मरीजों को पैसा देकर बाहर से अल्ट्रासाउंड करना पड़ता है। जिसे डिलीवरी कराने वाले गरीब मरीज वहन नही कर पाते है। वही मुख्य चिकित्साधिक्षिका की माने तो अल्ट्रासाउंड मशीन है।
लेकिन रेडियोलाजिस्ट कोई नही है। इसके लिए हमलोग उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर सूचित किया है। अभी शनिवार को ही अपर निदेशक कार्मिक द्वारा सूचना मांगी गई थी। जिसे हमलोगों ने उसी दिन भेज दिया है।
बता दें कि सरकार द्वारा भेजा गया बंद पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन को चालू कराने को लेकर समाजसेवी संगठन के लोग धरना पर बैठे है। इनकी माने तो यहाँ पर विगत कई सालों से अल्ट्रासाउंड होता ही नहीं है। मरीज आते हैं और उनसे ₹550 से लेकर ₹650 तक का अल्ट्रासाउंड बाहर से कराया जाता है और गरीब मरीज इसको वाहन नहीं कर पाते हैं या फिर कहीं और डिलीवरी कराते हैं।
मतलब बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां पर तमाम अधिकारियों से और सी.एम.एस. से बात करते-करते जनता थक गई। सामाजिक कार्यकर्ता थक गए। लेकिन यहां पर अल्ट्रासाउंड चलाने के लिए नियुक्ति नहीं की गई। यहां पर अधिकारी आते भी हैं तो बड़ी- बड़ी बिल्डिंग दिखाकर खानापूर्ति करते हैं और गरीब मरीज परेशान होता है। इसके लिए हम लोग धरने पर बैठे हैं।
वही जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिक्षिका की माने तो हमारे पास मशीनें हैं। लेकिन हमारे पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इसकी हम लोग सूचना हर बार दे रहे हैं। जब मांगा जा रहा है। लेकिन अभी तक किसी रेडियोलॉजिस्ट की पोस्टिंग नहीं हुई है।
यहां सिर्फ रेडियोलॉजिस्ट की वजह से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ा है। इसके अलावा एनेस्थेटिक और डॉक्टरों की कमी की वजह से शाम या बीच रात इमरजेंसी मैनेज करना बहुत मुश्किल होता है। यहां पर 13 डॉक्टरों के सापेक्ष सिर्फ तीन ही डॉक्टर हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीन चालू कराने के लिए हम लोगों ने कई बार अपर निदेशक कार्मिक महानिदेशक से लेकर डीएम तक को पत्र लिखकर सूचित किया है। अभी शनिवार को ही अपर निदेशक कार्मिक द्वारा इस संबंध में सूचना मांगी गई थी। जिसको उसी दिन भेज दिया गया है।