रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: बढ़ती जनसंख्या देश और प्रदेश के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 जुलाई 2021 को यूपी की जनसंख्या नीति 2021-2030 का अनावरण किया था। इसके साथ ही सरकार जनसंख्या विस्फोट को लेकर एक कानून भी बनाने जा रही है। जिसके लिए लोगो से सुझाव मांगे गये थे। अब UP राज्य विधि आयोग को जनसंख्या नियंत्रण पर कानून के मसौदे को लेकर लगभग 8,500 प्रतिक्रियाएं मिली हैं।
आपको बता दें कि इस मसौदे पर कुछ लोगो की तरफ से आलोचना की गई है, तो कुछ लोगो ने सराहना की है। इसके साथ ही राज्य विधि आयोग को कुछ लोगो ने कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव भी दिए। आयोग की तरफ से 9 जुलाई को उत्तर प्रदेश जनसंख्या नियंत्रण, स्थिरीकरण और कल्याण विधेयक, 2021 का मसौदा वेबसाइट पर अपलोड किया था। इसका उद्देश्य यह था कि प्रस्तावित कानून पर जनता से 10 दिनों में सुझाव मांगे जायें।
अब सुझाव मिलने के बाद राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष AN मित्तल ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए बताया कि राज्य विधि आयोग को जनसंख्या नियंत्रण ड्राफ्ट बिल को लेकर अपने ईमेल पर करीब 8,500 प्रतिक्रियाएं मिली हैं। उनमें से कुछ ने प्रस्तावित कानून की आलोचना की है, और कुछ ने विधि आयोग द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की है। जस्टिस मित्तल ने कहा कि हमें जनसंख्या नियंत्रण पर ड्राफ्ट बिल के लिए बड़ी संख्या में सुझाव भी मिले हैं।
उन्होने आगे कहा कि लॉ कमीशन सभी ईमेल्स को डाउनलोड करेगा और उन सभी की जांच करेगा। हम सभी सुझावों का गंभीरता से अध्ययन करेंगे। जनसंख्या नियंत्रण पर ड्राफ्ट बिल तैयार करते समय, अगर ये सुझाव जरूरी लगे तो इन पर काम किया जाएगा। ड्राफ्ट बिल को अंतिम रूप देने और राज्य सरकार को सौंपने में हमें एक महीने का समय लगेगा। 15 अगस्त से पहले ही इसे सरकार को सौंपा जा सकता है।
इसके साथ ही आयोग की ओर से कहा गया है कि जो लोग इस ड्राफ्ट बिल पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। आयोग की तरफ से यह भी गया है कि अगर इस ड्राफ्ट को विधेयक के तौर पर पेश भी कर दिया जाता है, तो भी इसके कानून बनने में एक साल का वक्त लग सकता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि अगर किसी महिला ने इस कानून के बनने से पहले ही बच्चे को जन्म दिया है, तो परिवार, आयोग के बनाए गए कानूनों से बाहर रहेगा। सरकार की तरफ से जनसंख्या नीति 2021-30 में जो ऑकड़े दिए गये हैं, उसमें साल 2026 तक जन्म दर को 2.1 प्रति हजार जनसंख्या और 2030 तक 1.9 तक लाना है। बात करें मौजूदा वक्त की तो, राज्य में जन्म दर 2.7 प्रति हजार है।