भोपाल: मध्य प्रदेश को टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के तकनीकी विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अब कृषि क्षेत्र के साथ-साथ आईटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार भोपाल और इंदौर में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित करेगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में तकनीकी निवेश को बढ़ावा देना और आईटी सेक्टर के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। उन्होंने कहा कि नए आईटी पार्कों के निर्माण से बड़ी संख्या में कंपनियों को प्रदेश में आने का अवसर मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर भी लगातार काम कर रही है। डिजिटल क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं और निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी कौशल का उपयोग कर मध्य प्रदेश को आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर प्रदेश देश के विकास में अपनी मजबूत भूमिका निभाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश में डिजिटल बदलाव और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आयोजन निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मंच तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा और देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्रों में अपनी जगह बनाएगा।