पन्ना: जिले की रैपुरा तहसील क्षेत्र में मड़वा घाट सड़क का निर्माण अधूरा होने से आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाए जा रहे इस मार्ग का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, लेकिन घाट क्षेत्र का करीब 2 किलोमीटर हिस्सा अधूरा होने के कारण लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
मड़वा घाट मार्ग की कुल लंबाई करीब 31 किलोमीटर है। इसमें से 29 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन घाट क्षेत्र के 2 किलोमीटर हिस्से का काम लंबे समय से रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि घाट क्षेत्र में अधिक ढलान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया, जिसके बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
सड़क निर्माण अधूरा होने का सीधा असर आसपास के गांवों के लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, तहसील मुख्यालय रैपुरा पहुंचने के लिए उन्हें करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है। इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और रोजाना काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में अधूरे मार्ग की स्थिति और खराब हो जाती है। कीचड़ और खराब रास्ते के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका सीधा संबंध शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इसलिए मार्ग का निर्माण जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
मामले को लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के परियोजना अधिकारी शिवाकर चौरसिया ने बताया कि घाट क्षेत्र के अधूरे हिस्से के लिए अलग डीपीआर तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नया टेंडर जारी कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से अधूरे पड़े मड़वा घाट मार्ग का निर्माण जल्द पूरा होगा और उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करने की समस्या से राहत मिलेगी।