देश में कोरोना वायरस की रफ्तार अब धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। तेजी से नीचे जाते कोरोना के ग्राफ के बीच देश में कोरोना मरीजों की संख्या 98 लाख को पार कर गई है।
पिछले 24 घंटे में 30,005 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं, जिसमें शुक्रवार को सामने आए 29,398 मरीजों की तुलना में मामूली बढ़ोतरी हुई है। कोरोना से संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 93 लाख को पार कर गई है।
कोरोना को काबू में रखने के लिए सरकार लोगों से मास्क और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का लगातार आग्रह कर रही है। देश में एक समय मास्क और पीपीई किट की किल्लत भी देखने को मिली थी।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आत्मनिर्भर भारत पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने सिर्फ सात महीनों में 6 करोड़ से ज्यादा पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विप्मेंट (PPE) और 15 करोड़ एन-95 मास्क का उत्पादन किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “भारत ने मार्च से अक्टूबर तक 6 करोड से ज्यादा पीपीई और 15 करोड़ एन-95 मास्क (N-95 Mask) का उत्पादन किया। हमने 2 करोड़ से ज्यादा PPE सूट और 4 करोड़ मास्क का अब तक निर्यात किया है।”
स्मृति ईरानी ने कहा कि मार्च तक भारत में पीपीई सूट का उत्पादन कोई भी कंपनी नहीं थी और आज 11,000 से ज्यादा कंपनियां सुरक्षात्मक उपकरण बना रही हैं। इसी प्रकार मार्च में सिर्फ दो कंपनियां एन-95 मास्क बना रही थी, आज 200 से ज्यादा कंपनियां इस काम में लगी हैं।
इस ही के साथ आप को बता दे कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 30,005 लोग संक्रमित हुए हैं, इसके बाद कोरोना से संक्रमित होने वाले कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 98 लाख को पार कर गई है। वर्तमान में, देश में वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 98,26,775 है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 442 मरीजों ने पिछले 24 घंटे में संक्रमण के चलते दम तोड़ा है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 1,42,628 हो गई है। देश में वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या लगातार चार लाख से नीचे बनी हुई है। वर्तमान में वायरस के सक्रिय मरीजों की संख्या 3,59,819 है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 11 दिसंबर तक कोरोना वायरस के लिए कुल 15 करोड़ 26 लाख कोरोना के सैंपल टेस्ट किए गए, जिनमें से 10.65 लाख सैंपल कल टेस्ट किए गए।
देश में पॉजिटिविटी रेट सात फीसदी है। 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव केस 20,000 से कम हैं और 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव केस 20,000 से ज्यादा हैं।