योगी सरकार में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे विकलांग दंपत्ति फिर भी सुनवाई नहीं हो रही। पति पत्नी दोनों पूरी तरह विकलांग हैं, फिर भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। इनके ना ही राशन कार्ड बना, ना विकलांग पेंशन मिल रही है।
आपको बता दें कि मामला यूपी के सीतापुर तहसील महमूदाबाद के जैनीपुर मजरा लालपुर का है। जहां पर रामप्रसाद व सविता देवी विकलांग दंपत्ति रहते हैं। जिनके दो बच्चे हैं। परंतु आज तक ना उनका राशन कार्ड बनाया गया, ना ही उनकी पेंशन बनाई गई।
इतना ही नही प्रधानमंत्री आवास भी नही दिया गया विकलांग दंपत्ति के दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे है। जिन्हें टूटी झोपड़ी में पालन पोषण करने को मजबूर है।
विकलांग पति की माने तो बीते कोरोना काल में हुए लॉकडाउन के दरमियान अपनी पत्नी के जेवर बेच -बेच कर अपने परिवार के पेट को चलाया है। उन्हे किसी भी तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ व राशन नहीं मिला है।
कई बार विकलांग दंपत्ति द्वारा उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। परंतु उप जिलाधिकारी द्वारा यही आश्वासन दिया गया कि जांच कराएंगे तुम्हारे घर आएंगे परन्तु आज तक उनकी किसी ने फरियाद नहीं सुनी।
जिससे आहत होकर विकलांग दंपत्ति ने जिलाधिकारी के वहां प्रार्थना पत्र देकर अपने राशन कार्ड बनने व विकलांग पेंशन बनवाने की गुहार लगाई है।
इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय से विकलांग दंपति को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय भेज कर राशन कार्ड बनवाने की बात तो जरूर कही गई है। परंतु अब सवाल यह उठता है कि आज तक इस विकलांग दंपत्ति पर अधिकारियों व कर्मचारियों की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी या फिर नजर पड़ी तो फिर जानते हुए क्यों अंजान बने रहे।
बाईट – राम प्रसाद विकलांग पति