सोमवार को चौहान ने संसद में कांग्रेस के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कांग्रेस सदस्यों के बहिर्गमन के बाद उन्होंने उन्हें खड़े रहने और सुनने की चुनौती देते हुए कहा, “अगर आप मुझे परेशान करेंगे तो मैं आपको नहीं छोड़ूंगा।” इससे उन्हें जवाबदेह बनाए रखने के उनके दृढ़ संकल्प का पता चला।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान नए रोल में आते ही फुलफॉर्म में हैं। सोमवार को उन्होंने किसानों के मुद्दे पर संसद में कांग्रेस को जमकर घेरा। दरअसल, कांग्रेस ने कल संसद में वॉकआउट कर दिया। जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने निशाना साधते हुए कहा कि हिम्मत है तो सुनकर जाओ। आगे कहा कि मुझे छेड़ोगे तो फिर छोडूंगा नहीं पहले ही मैंने कहा था।
किसानों की अनदेखी का आरोप
राज्यसभा में चौहान ने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा किसानों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने शायद ही कभी किसान कल्याण या कृषि विकास के बारे में बात की। चौहान ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान हरियाणा, मध्य प्रदेश, बिहार और मेरठ में किसानों पर गोली चलाने की घटनाओं से उनके हाथ खून से रंगे हुए हैं। उन्होंने कथित तौर पर प्रचार के लिए किसानों के साथ फोटो खिंचवाने के लिए राहुल गांधी की आलोचना की।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने जवाब देते हुए चौहान पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। सिंह ने कांग्रेस के रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि कमल नाथ के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 37 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। उन्होंने बताया कि चौहान ने पहले भी इस बात को स्वीकार किया था, लेकिन संसद में उन्होंने खुद का खंडन करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने किसानों से किए अपने वादे पूरे नहीं किए।