खंडवा: कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर खंडवा के केवलराम पेट्रोल पंप चौराहे पर गांधीवादी तरीके से मौन धरना आयोजित किया गया। धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर शामिल हुए तथा नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया। उनका कहना है कि जिन मामलों को आधार बनाकर यह कार्रवाई की गई, उनमें केवल नोटिस जारी किए गए थे और किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं थी। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया।

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धरने को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों पुराने मामलों को अचानक सामने लाकर कांग्रेस प्रत्याशी को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने का प्रयास किया गया है। उनके अनुसार यह पूरी कार्रवाई पूर्व नियोजित और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई की गई है, जिसका कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रही है।
धरने के समापन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर नारेबाजी भी की।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मौन रहकर विरोध दर्ज कराया और मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने के निर्णय की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी और इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।
संवाददाता नितिन झवर