Home देश जुर्म- ए- हत्या में शबनम को सजा- ए- मौत, 2008 की भयावह घटना सुनकर रूह कांप उठेगी

जुर्म- ए- हत्या में शबनम को सजा- ए- मौत, 2008 की भयावह घटना सुनकर रूह कांप उठेगी

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रिपोर्ट : मोहम्मद आबिद
अमरोहा : शायर निसार इटावी की यह लाइनें मौज-ए-तख़य्युल, गुल का तबस्सुम, परतव-ए-शबनम बिजली का साया, धोका है धोका नाम-ए-जवानी इस को जवानी कोई न समझे।

जी हां जवानी के जोश में, प्यार के आगोश में कोई क्या कर जाए इसका पता लगाना बहुत ही नामुमकिन है, हम बार कर रहे है अमरोहा की उस शबनम की जिसने अपने प्यार को पाने के लिए 7 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और अब वो शबनम उस तख्ते पर चढ़ने जा रही है जहां आजाद भारत में पहली बार होगा और उसी के साथ उसके प्रेमी सलीम को भी एक साथ फांसी पर लटकाया जाएगा।

15 अगस्त साल 1947 को भारत आजाद हुआ था लेकिन अभी तक आजाद भारत में किसी भी महिला को फांसी नहीं हुई है लेकिन अब शबनम को फांसी होगी।

14 अप्रैल 2008 की वो भयावह रात
बतादें की वो भयावह रात 14 अप्रैल, 2008 की रात थी जब इस पूरे घिनौने काम को अंजाम दिया गया और इस कदर डरावनी थी की जो भी देखे, सुने सहम जाए लेकिन शबनम के प्रेमी के साथ खेले गए इस खूनी खेल के बाद पूरे देश हिल गया जिसमें शबनम ने अपने माता-पिता और 10 माह के भतीजे समेत परिवार के सात लोगों को पहले बेहोश करने की दवा खिलाई और फिर एक एक कर कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था।

क्या था पूरा माजरा
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम के सलीम के साथ प्रेम संबंध थे। सूफी परिवार की शबनम ने अंग्रेजी और भूगोल में एमए किया था। और शबनम के परिवार के पास काफी जमीन थी। लेकिन प्री सलीम पांचवीं फेल था और पेशे से एक मजदूर था। इसलिए दोनों के संबंधों को लेकर परिजन विरोध कर रहे थे।

राष्ट्रपति ने भी सजा को रखा बरकरार
देश की सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद अब हत्या के आरोप में बंद शबनम की फांसी की सजा को राष्ट्रपति ने भी बरकरार रखा है, ऐसे में अब उसका फांसी पर लटकना तय हो गया है। मथुरा जेल में महिला फांसीघर में शबनम की फांसी की तैयारी भी शुरू हो गई है। डेथ वारंट जारी होते ही शबनम को फांसी दे दी जाएगी।

वहीं दूसरी तरफ अमरोहा की शबनम को फांसी देने के लिए मेरठ के पवन जल्लाद ने मथुरा जेल का निरीक्षण किया है बतादे की आजाद भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी दी जाएगी। निर्भया कांड के 4 दोषियों को फांसी देने वाला पवन जल्लाद शबनम को फांसी देने के लिए तैयार है पवन का कहना है के इस तरह से निर्मम हत्या करने वाले और अपने परिवार का खात्मा करने वाले दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।

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