पन्ना जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट उषा परमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर और बाहर किसी भी प्रकार की नारेबाजी, प्रदर्शन या ऐसी गतिविधि पर रोक रहेगी जिससे आम शांति भंग होने की आशंका हो। इसके अलावा कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर एवं आसपास चार या उससे अधिक व्यक्तियों के अनधिकृत रूप से एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन के अनुसार कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर के आसपास समय-समय पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के सदस्यों द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी की जाती रही है। इससे न केवल आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है, बल्कि सरकारी कार्यालयों के कामकाज और न्यायालय की कार्यवाही भी प्रभावित होती है।
प्रशासन का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर और उससे लगे व्यवहार न्यायालय में सुचारु कार्य संचालन तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेश का उद्देश्य आमजन की सुविधा सुनिश्चित करना और प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना है।