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भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव एवं संत समागम, CM डॉ. मोहन बोले-राजसत्ता और धर्मसत्ता का संगम ही भारत की शक्ति

भीलवाड़ा के हरिसेवा उदासीन आश्रम में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सनातन संस्कृति, विकास और सिंहस्थ कुंभ 2028 को लेकर बड़ा संदेश दिया।

By: Abhinav Tiwari 
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भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव एवं संत समागम, CM डॉ. मोहन बोले-राजसत्ता और धर्मसत्ता का संगम ही भारत की शक्ति

भीलवाड़ा (राजस्थान)। राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित हरिसेवा उदासीन आश्रम, सनातन मंदिर में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव एवं संत समागम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने सहभागिता की। इस अवसर पर संतों, महंतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में उन्होंने सनातन संस्कृति, आस्था और विकास के समन्वय पर भावपूर्ण संबोधन दिया।

राजस्थान-मध्य प्रदेश का अटूट रिश्ता ‘राम’ नाम से जुड़ा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे उज्जैन-महाकाल की धरती से आते हैं और सनातन परंपरा उनके जीवन और शासन का आधार है। उन्होंने राजस्थान और मध्य प्रदेश के संबंधों को ‘राम’ नाम से जोड़ते हुए कहा कि ‘रा’ से राजस्थान और ‘म’ से मध्य प्रदेश मिलकर एक अटूट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रिश्ता बनाते हैं। उन्होंने राजसत्ता और धर्मसत्ता के समन्वय को भारत की सनातन शक्ति बताया।

सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए संतों को आमंत्रण

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए संत समाज और श्रद्धालुओं को औपचारिक आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार संतों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 30 किलोमीटर तक नए घाटों के निर्माण सहित व्यापक व्यवस्थाओं के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, ताकि सिंहस्थ कुंभ दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बने।

सनातन संस्कृति के उत्थान में नया अध्याय

डॉ. मोहन यादव ने Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण और सोमनाथ जैसे प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार संभव हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का धाम भी अपनी पूर्ण भव्यता के साथ मुस्कुराएगा।

विकास के साथ विरासत का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार चित्रकूट-जहां भगवान श्रीराम ने 11 वर्ष वनवास में बिताए-और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रत्येक स्थान को धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के महासंकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आस्था और विकास को साथ लेकर चलना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

सरल, सहज और संतों के बीच आत्मीय मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में उपस्थित संतों और अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सरल और सहज व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना आम श्रद्धालुओं और संतों से आत्मीयता से मिलते हैं, जो उन्हें एक जनप्रिय और संवेदनशील नेतृत्वकर्ता बनाता है।

दीक्षा समारोह में गरिमामयी उपस्थिति

डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम में Bal Yogi Umesh Nath Maharaj के आग्रह पर पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने तीन युवा संतों के दीक्षा समारोह में भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और उन्हें सनातन धर्म की सेवा के लिए शुभाशीष दिया।

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