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संभल: स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा आया सामने

By: RNI Hindi Desk 
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संभल: स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा आया सामने

(संभल से संवाददाता सतीश सिंह की रिपोर्ट)

सम्भल के मुख्य चिकित्सा कार्यलय में तैनात रहे तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक विनय शर्मा के काले चिट्ठे सामने आए हैं, आरोपी लिपिक पर फर्जीवाड़े करके करोड़ों रूपये अपने खाते में ट्रांसफर कर हड़पने का गंभीर आरोप लगा। जिसके साक्ष्य भी सामने आए हैं। फर्जीवाड़े के आरोपो पर सीएमओ अमिता सिंह ने खुलकर मीडिया के सामने पूरा मामला रखा है। इसके फर्जीवाड़े की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंच गया है।

दरअसल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी में तैनात कनिष्ठ लिपिक विनय शर्मा से सीएमओ अमिता सिंह ने विनय शर्मा के विरुद्ध गवन की शिकायत मिलने पर जिले स्तर पर डॉक्टरों की जांच टीम बनाई गई। जांच कमेटी ने विनय शर्मा को भारी सरकारी धन के गबन का आरोपी पाया था, परंतु महानिदेशालय के उच्च अधिकारियों ने जांच का खेल रचा और पूरे अभिलेख ना मिलने पर जांच को परे करके विनय शर्मा के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। आजमगढ़ सदर से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने इस मामले को विधानसभा में उठाया था और कार्रवाई ना होते देख माननीय राज्यपाल को भी अवगत कराया कि मामले को अधिकारी दवा रहे हैं।

करोड़ों के घोटाले के आरोपी विनय शर्मा की शिकायतों का मामला यहीं रुका पिछड़ा दलित एवं अल्पसंख्यक वर्ग संघ के अध्यक्ष डॉ इंद्र दयाल गौतम ने भी इस संबंध में शिकायत की है। मुरादाबाद के डॉक्टर एस के शर्मा ने तो पूरे साक्ष्य के साथ कनिष्ठ लिपिक विनय शर्मा पर सारे आरोपों को प्रमाणित करते हुए पत्र भेजा है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएमओ अमिता सिंह और अन्य लिपिकों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा सीएमओ संभल में हुई अनियमितता की जांच के लिए निर्देशक स्वास्थ्य की अगुवाई में एक जांच कमेटी बनाई गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशक स्वास्थ्य की ओर से दिनांक 13 दिसंबर को एक पत्र भेजा गया था जिसमें 2015, 2016, 2016, एवं 17 18 के वित्तीय व्यवहारों की जांच की बात कही गई है। जबकि कनिष्ठ लिपिक विनय शर्मा द्वारा 2014 से ही वित्तीय गड़बड़ियां की जा रही थी और इसके अलावा रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी उनके फंडिंग नहीं मिले उनको भी कमेटी के सामने बुलाने की बात कही गई है।

वहीं विनय शर्मा ने जब खुद को फंसता देख अब मामले को दूसरी तरफ मोड़कर सबका ध्यान भटकाने का भी प्रयास किया, आरोपी विनय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उनके कर्मचारियों पर कई भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए है। आरोपी ने सीएमओ के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है जिसकी जांच भी आरंभ हो गई है। इन आरोपों को लेकर जब विनय शर्मा से फोन पर लगातार संपर्क किया गया तो आरोपी विनय शर्मा ने फोन नही उठाया और न ही कोई इस मामले पर सफाई दी वही सीएमओ अमिता सिंह ने भी अपने कार्यलय के तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक विनय शर्मा का पूरा कालाचट्ठा खोल दिया है।

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