किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा पर कांग्रेस के प्रवक्ता और नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि महात्मा विदूर जैसे मंत्री, कृपाचार्य जैसे राजगुरू, द्रोणाचार्य जैसे महारथी और भीष्म जैसे “मार्गदर्शक” के रहते हुए भी… हस्तिनापुर का सर्वनाश कैसे हो गया.? क्योंकि दुर्योधन के “अहंकार” के सामने सब मौन रहे, और इस मौन की “कीमत” सबको चुकानी पड़ी थी.! सोचा, याद दिला दूँ ! #Farmer
महात्मा विदूर जैसे मंत्री, कृपाचार्य जैसे राजगुरू, द्रोणाचार्य जैसे महारथी और भीष्म जैसे "मार्गदर्शक" के रहते हुए भी… हस्तिनापुर का सर्वनाश कैसे हो गया.?
क्योंकि दुर्योधन के "अहंकार" के सामने सब मौन रहे, और इस मौन की "कीमत" सबको चुकानी पड़ी थी.!
सोचा, याद दिला दूँ !#Farmer
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) January 27, 2021
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने ट्वीट कर दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए सवाल पूछा कि जब दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफ़िक बढ़ता है तो पुलिस कहाँ गायब हो जाती है? क्या उन्हें यातायात को निर्देशित नहीं करना चाहिए?
When traffic mounts up on Delhi roads where does the police disappear? Should they not be directing traffic?
— Salman Khurshid (@salman7khurshid) January 27, 2021
इस बीच बीजेपी नेता शहनवाज हुसैन ने कहा है कि विपक्ष के नेताओ ने जिस तरह की बयानबाजी की है देश की जनता उनको माफ़ नहीं करेगी। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा, ‘लाल किले को अपवित्र किया ,ये बहुत बड़ी साज़िश थी, इन सब पर देश द्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। ये जितनी बड़ी बड़ी बाते किसान नेता कर रहे थे उन्होंने दरअसल लोगों को उकसाने का काम किया,योगेंद्र यादव ने कहा की तंत्र गायब है और गन कहा है ? इस तरह भड़काने का काम किया गया। रिपब्लिक डे पर भारत की ताकत दिखती है और इन्होंने भारत की कमजोरी दिखा दी?
आप को बता दें कि मंगलवार को किसानों के गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर के प्रदर्शनकारियों ने अपने तय मार्ग से भटक गए और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर हंगामा खड़ा कर दिया। समूहों में से एक ने ऐतिहासिक लाल किले के ऊपर एक झंडा भी फहराया, जिसमें सभी वर्गों की कड़ी आलोचना हुई। मामले को लेकर पुलिस ने 15 एफआईआर दर्ज की हैं।
हिंसक झड़पों में 86 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए, जो पुलिस द्वारा रखी गई बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए, किसान समूहों द्वारा पुलिस वाहनों की तोड़फोड़ करते हुए और प्रतिशोध में आंसू गैस और पानी के तोपों के उपयोग से दिल्ली पुलिस द्वारा देखा गया।
बनर्जी के अलावा, कांग्रेस के शशि थरूर, राहुल गांधी, माकपा के सीताराम येचुरी जैसे अन्य नेताओं ने भी हंगामे के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया। येचुरी ने ट्वीट किया, “मोदी सरकार द्वारा इस स्थिति को इस स्थिति में लाया गया है। किसान 60 दिनों से अधिक समय तक ठंड में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें दिल्ली में आने की अनुमति नहीं है और 100 से अधिक किसान मारे गए हैं।”