नरेंद्र मोदी सरकार ने मंगलवार को सेना में बहाली के लिए ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की थी। देश के कई राज्यों में इसका जमकर विरोध हो रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। इस बहाली योजना के खिलाफ प्रदर्शन आज भी जारी है।
आंदोलनकारियों ने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। सरकार इसके लिए फिलहाल तैयार नहीं दिख रही है। हालांकि, कल एक संसोधन जरूर किया गया। इस साल के लिए अधिकतम उम्र की सीमा को 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दिया गया। आपको बता दें कि कई राजनीतिक दलों ने भी इस स्कीम को वापस लेने की मांग की है।
#WATCH | For the last 2yrs, young people didn’t get the opportunity to get inducted into Armed forces due to no recruitment process. Thus… govt decided to increase the upper age limit from 21yrs to 23yrs. It’s a one-time relaxation…: Defence Minister Rajnath Singh#Agnipath pic.twitter.com/UfP5z0zakY
— ANI (@ANI) June 17, 2022
बिहार के समस्तीपुर स्टेशन पर खड़ी जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस, दरभंगा-दिल्ली क्लोन एक्सप्रेस, भागलपुर-जम्मूतवी अमरनाथ एक्सप्रेस में तोड़फोड़ के साथ ही स्टेशन पर भी तोड़फोड़ की गई। पूछताछ कार्यालय को पूरी तरह तहस नहस कर दिया है। ओवरब्रिज की रेलिंग को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
उपद्रवियों ने स्टेशन पर रखे सामान को फेक दिया। उपद्रव के कारण स्टेशन रोड के साथ ही मारवाड़ी बाजार की सभी दुकान बंद हो गई। उपद्रवियों ने कर्पूरी बस पड़ाव के बाद नगर थाना और मुफस्सिल थाना पर भी हमला किया। गाड़ियों में तोड़फोड़ करने के साथ कुछ पुलिस कर्मियों को पीट दिया जिससे कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।
रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि अग्निवीर स्कीम युवाओं को एक बड़ा मौका देगी। पिछले दो सालों में कोरोना के चलते युवाओं को भर्ती का मौका नहीं मिला था, इसीलिए पीएम मोदी के आदेश पर सरकार ने दो साल की आयु सीमा में छूट दी है। उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि कुछ ही समय में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। सभी युवाओं से अपील है कि वे इसके लिए तैयारी करें और पूरा लाभ उठाएं।’
वही, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के सहयोगी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की नयी ‘अग्निपथ’ योजना पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया। साथ ही आश्चर्य जताया कि सरकार को इस तरह के ‘‘मौलिक’’ बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी। सेना में कप्तान रहे अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘‘यह लंबे समय से मौजूद रेजिमेंट के विशिष्ट लोकाचार को कमजोर करेगा।’’ एक बयान के अनुसार, सिंह ने आश्चर्य जताया कि सरकार को भर्ती नीति में इस तरह के ‘‘मौलिक बदलाव’’ करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, जोकि ‘‘इतने सालों से देश के लिए बेहतर तरीके से काम कर रही है।’’ अमरिंदर सिंह की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस राज्य में भाजपा की सहयोगी है।