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राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान, पढ़े

By: RNI Hindi Desk 
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राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी का बड़ा बयान, पढ़े

केंद्र सरकार द्वारा लाये गए 3 कृषि कानून को लेकर देश भर चल रहे आंदोलन को आज एक महीने हो गए है। इस आंदलोन को सभी विपक्षी पार्टी इस आंदोलन का समर्थन कर रही है।

आज नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। उधर मार्च निकालने और राष्ट्रपति से मुलाकात करने की कोशिशों के दौरान प्रियंका गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ अधीर रंजन चौधरी और गुलाब नबी आजाद ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 2 करोड़ हस्ताक्षर का ज्ञापन सौंप दिया है।

राष्ट्रपति से मिलने के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि किसान हटेगा नहीं, प्रधानमंत्री को ये नहीं सोचना चाहिए कि किसान, मजदूर घर चले जाएंगे। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से कहा कि यह कानून किसान विरोधी है, इससे मजदूरों और किसानों का नुकसान होने वाला है।

राहुल गांधी ने कहा, ‘देश को दिख रहा है कि किसान कानून के खिलाफ खड़े हैं।पीएम को यह नहीं सोचना चाहिए कि किसान वापस चले जाएंगे, यह नहीं जाएंगे। पीएम को संयुक्त सत्र बुलाकर कानूनों को वापस लेना चाहिए। इन कानूनों को वापस लेना ही पड़ेगा।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को समझने की जरूरत है कि हर चीज की हद होती है। मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी कर रहे हैं उससे हिंदुस्तान के किसी युवा को रोजगार नहीं मिलेगा, सारे मिडिल क्लास रोजगार खत्म हो जाएंगे। भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है, लोकतंत्र सिर्फ कल्पना में हो सकता है असलियत में कोई लोकतंत्र नहीं है।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘हम तीन लोग राष्ट्रपति के पास करोड़ों हस्ताक्षर लेकर गए। यह देश की आवाज है। सर्दी का समय है, किसान आंदोलन कर रहे हैं और मर भी रहे हैं। आज मैं एडवांस में बोल रहा हूं किसान और मजदूर के सामने कोई शक्ति खड़ी नहीं हो सकती। अगर कानून वापस नहीं हुए तो सिर्फ आरएसएस और बीजेपी को ही नहीं, देश को भी नुकसान होने जा रहा है।’

राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘नरेंद्र मोदी जी का एक ही लक्ष्य है कि दो चार बड़े उद्योगपतियों के लिए पैसा बनाना। जो लोग मोदी जी के खिलाफ खड़े होते हैं उनके खिलाफ कुछ ना कुछ बोलते हैं। किसान को आतंकवादी कहते हैं, कल को मोहन भागवत भी उनके खिलाफ खड़े हो गए तो उन्हें भी आतंकवादी बोल देंगे।’

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को करीब आधे घंटे मंदिर मार्ग थाने में हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया। इस दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी की सरकार किसानों के पेट पर लात मार रही है और हमारा कर्तव्य है कि हम किसानों के साथ खड़े रहें इसलिए हम लोग अपना कर्तव्य निभाएंगे।

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘जवान किसान का बेटा होता है, जो किसानों की आवाज ठुकरा रहा है, अपनी जिद्द पर अड़ा हुआ है जबकि देश का अन्नदाता बाहर ठंड में बैठा है तो उस सरकार के दिल में क्या जवान, किसान के लिए आदर है या सिर्फ अपनी राजनीति, अपने पूंजीपति मित्रों का आदर है?’

तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत कांग्रेस ने 2 करोड़ हस्ताक्षर इकट्ठा किए हैं। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन पर किसानों, खेत मजदूरों और अन्य हितधारकों के हस्ताक्षर शामिल हैं जो इन कानूनों का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं।

किसान पिछले 29 दिनों से राष्ट्रीय राजधानी की कई सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। किसान इन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। किसानों के साथ कई दौर की वार्ता विफल रही है।

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