पन्ना। विश्व प्रसिद्ध प्राकृतिक पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में पर्यटकों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में मारपीट की दो घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि बिना टिकट प्रवेश और पहले आगे जाने की होड़ को लेकर पर्यटकों के बीच विवाद हुआ, जिसने बाद में मारपीट का रूप ले लिया। घटनाओं के दौरान महिलाओं और बच्चों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बनने की बात सामने आई है।
बृहस्पति कुंड जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल और जिम्मेदार अधिकारियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती, जिससे विवाद की स्थिति में तत्काल नियंत्रण करने में परेशानी हो सकती है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ प्रवेश और टिकट प्रणाली को भी पारदर्शी बनाया जाए।
सुरक्षा के अलावा ग्लास ब्रिज के संचालन और टिकट वितरण को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि निर्धारित समय शाम 6 बजे के बाद भी पर्यटकों को प्रवेश दिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि टिकट काउंटर बंद होने के बाद भी गेट के भीतर से निजी लोगों द्वारा टिकट वितरित की जा रही हैं। इस दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की मौजूदगी नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।
बृहस्पति कुंड की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तहसीलदार अखिलेश प्रजापति के पास होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, ग्लास ब्रिज के संचालन को लेकर एक आउटसोर्स एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। दावा है कि ग्लास ब्रिज संचालन की निविदा 10 अगस्त को निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में यदि निविदा निरस्त होने के बाद भी किसी निजी एजेंसी द्वारा टिकट जारी किए जा रहे हैं, तो उसके पीछे किस आदेश या अनुमति का आधार है, यह जांच का विषय है।इन आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
व्यवस्थाओं को लेकर मीडिया की ओर से जिला पंचायत सीईओ उमराव मरावी से सवाल किए जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस मामले पर कैमरे के सामने प्रतिक्रिया नहीं दी। अब पर्यटकों की सुरक्षा, टिकट व्यवस्था और ग्लास ब्रिज के संचालन को लेकर प्रशासन से स्पष्ट जवाब और पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है।
बृहस्पति कुंड में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है। साथ ही टिकट वितरण, प्रवेश व्यवस्था और ग्लास ब्रिज के संचालन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की मांग उठ रही है। यदि सामने आए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ व्यवस्था में सुधार जरूरी होगा। वहीं प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पर्यटन स्थल की व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाना है।