भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मंत्री विजय शाह की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात कर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में विधायक आरिफ मसूद और सुरेश राजे भी शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति से जुड़े प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने और मामले में उचित कदम उठाने की मांग की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई कथित टिप्पणी को केवल एक व्यक्ति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह सेना, महिलाओं और देश के सम्मान से जुड़ा विषय है। सिंघार ने सवाल उठाया कि यदि राज्य सरकार के पास मंत्री के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति देने और उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने का अधिकार है, तो अब तक इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया गया।
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश की बेटी और सेना से जुड़े मामले में सरकार की चुप्पी उसकी नीतियों और व्यवहार के बीच अंतर को दर्शाती है। कांग्रेस ने मांग की कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो और जिम्मेदारी तय की जाए।
उमंग सिंघार के अनुसार, राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और मामले पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस का दावा है कि राज्यपाल सरकार से इस विषय पर चर्चा भी करेंगे। अब कांग्रेस की मांग और राज्यपाल के आश्वासन के बाद इस मामले में सरकार की अगली कार्रवाई पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर नजर बनी हुई है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई होने तक वह इस मुद्दे को सार्वजनिक और राजनीतिक मंचों पर उठाती रहेगी। फिलहाल, कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।