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बरेली में प्रधानमंत्री लोन योजना के नाम पर ठगी का खुलासा, 15-20 लाख के फर्जी लोन कराते थे आरोपी

बरेली के भोजीपुरा में पुलिस ने प्रधानमंत्री लोन योजना के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गरीब और बेरोजगार लोगों के दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी नौकरी और आय संबंधी कागजात तैयार करते थे और बैंकों से 15 से 20 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन कराते थे। पुलिस ने 75 ATM कार्ड, 28 चेकबुक, 12 मोबाइल और 3.50 लाख रुपये बरामद किए हैं।

By: Nivedita 
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बरेली में प्रधानमंत्री लोन योजना के नाम पर ठगी का खुलासा, 15-20 लाख के फर्जी लोन कराते थे आरोपी

बरेली:  प्रधानमंत्री लोन योजना के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का बरेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य गरीब और बेरोजगार लोगों को सरकारी योजना के तहत लोन मिलने का झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करते थे और उन्हीं के नाम पर लाखों रुपये का व्यक्तिगत ऋण करा लेते थे। पुलिस ने भोजीपुरा थाना क्षेत्र के मॉडर्न विलेज से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पीड़ितों को यह भरोसा दिलाते थे कि प्रधानमंत्री योजना के तहत मिला पैसा वापस नहीं करना होगा।

दस्तावेजों में हेरफेर कर दिखाते थे नौकरीपेशा

गिरोह के सदस्य लोगों से आधार, पैन और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर उनमें कथित तौर पर हेरफेर करते थे। इसके बाद पीड़ितों को कागजों में नौकरीपेशा व्यक्ति के तौर पर दर्शाया जाता था। लोन स्वीकृत कराने के लिए फर्जी पे-स्लिप और फॉर्म-16 जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इनके आधार पर अलग-अलग बैंकों से करीब 15 से 20 लाख रुपये तक का पर्सनल लोन कराया जाता था।

लाखों का लोन, पीड़ित के हाथ आते थे कुछ हजार

पुलिस के मुताबिक लोन की रकम बैंक खाते में आने के बाद गिरोह के सदस्य पीड़ित को मामूली रकम देकर बाकी पैसा अपने कब्जे में ले लेते थे। लखीमपुर निवासी संजीव के नाम पर करीब 20 लाख रुपये का लोन कराया गया। आरोप है कि इतनी बड़ी रकम में से संजीव को केवल 71 हजार रुपये दिए गए, जबकि शेष रकम गिरोह के सदस्यों ने हड़प ली।

बैंक एजेंट भी गिरोह में शामिल

जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरोह में शामिल दो आरोपी बैंक एजेंट के तौर पर काम करते थे। इनके माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत अन्य बैंकों से लोन कराने की प्रक्रिया पूरी की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितने बैंकों में इस तरह के फर्जी लोन कराए गए।

पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान किया बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 75 एटीएम कार्ड, 28 चेकबुक, 12 मोबाइल फोन और 3.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और उसके आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी, आगे की जांच जारी

भोजीपुरा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देकर फर्जी तरीके से लोन कराने का यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था। इस पूरे मामले को लेकर एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा ने पुलिस की कार्रवाई और जांच से संबंधित जानकारी साझा की।

 

 

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