रतलाम में तहसील कार्यालय के अभिलेखागार का निरीक्षण सोमवार को चर्चा का विषय बन गया। कलेक्टर अजय कटेसरिया पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच करने पहुंचे और अधिकारियों के साथ जमीन पर बैठकर वर्षों पुराने दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल रिकॉर्ड की उपलब्धता नहीं देखी, बल्कि दस्तावेजों के रखरखाव और उनकी प्रमाणिकता से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी ली।
कलेक्टर ने 1956-57 के पुराने नक्शों के साथ मिसल, खसरा, नामांतरण पंजी, रीनंबरिंग और बंदोबस्त से संबंधित अभिलेखों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से अलग-अलग वर्षों के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और उनके संधारण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि पुराने और नए रिकॉर्ड के बीच कहीं किसी प्रकार का अंतर, विसंगति या रिकॉर्ड संधारण से जुड़ी समस्या तो नहीं है।
निरीक्षण तहसील कार्यालय शहर और तहसील कार्यालय ग्रामीण के अभिलेखागार में किया गया। इस दौरान मिसल रिकॉर्ड के अलावा अपराध पंजी, लेखा अभिलेख और पुराने न्यायालयीन मामलों से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति भी देखी गई।हल्का स्तर पर रखे जाने वाले राजस्व रिकॉर्ड की व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
पुराने नक्शे, खसरा, मिसल, नामांतरण और बंदोबस्त रिकॉर्ड भूमि से जुड़े अधिकारों और पुराने विवादों के निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे दस्तावेजों में दर्ज जानकारी जमीन के इतिहास और स्वामित्व से जुड़े मामलों में उपयोगी होती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित, व्यवस्थित और प्रमाणिक स्थिति में रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकें।
कलेक्टर ने अभिलेखागार में साफ-सफाई और व्यवस्थित रखरखाव के साथ रिकॉर्ड की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने दस्तावेजों के संरक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कलेक्टर द्वारा जमीन पर बैठकर पुराने दस्तावेजों की जांच किए जाने को प्रशासनिक स्तर पर रिकॉर्ड व्यवस्था की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन पुराने अभिलेखों की नियमित समीक्षा और बेहतर संरक्षण व्यवस्था पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।