बड़वानी के पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा केंद्र को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। छात्रों का आरोप है कि केंद्र का ढांचा कई साल से तैयार है, लेकिन अब तक इसे परीक्षाओं के लिए शुरू नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर एनएसयूआई छात्र संगठन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज गेट पर धरना दिया।
धरने पर बैठी छात्रा शिवानी बड़ोले ने बताया कि केंद्र शुरू नहीं होने के कारण जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दूसरे और दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है। उनके मुताबिक किराया और अन्य खर्च वहन करना ग्रामीण एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मुश्किल होता है। छात्राओं की ओर से यह भी कहा गया कि दूर के शहरों में परीक्षा केंद्र मिलने पर कई परिवार बेटियों को परीक्षा देने भेजने में असहज महसूस करते हैं। इससे कुछ विद्यार्थियों की परीक्षाएं छूटने की स्थिति बन जाती है।
छात्र नेता वीरेंद्र खेड़े के मुताबिक करीब एक महीने पहले भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उस समय 30 अगस्त तक ऑडिट टीम के आने और परीक्षा केंद्र शुरू करने को लेकर लिखित आश्वासन मिलने की बात कही गई थी। छात्रों का कहना है कि तय समय बीतने के बावजूद उन्हें ऑडिट की स्थिति और आगे की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। छात्रों ने प्रशासन से लिखित जवाब की मांग करते हुए कहा कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने छात्रों के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूर्व में दिया गया आश्वासन पूरा किया जा चुका है। उनके अनुसार कर्मचारी चयन मंडल की टीम कॉलेज आकर सेंटर का ऑडिट कर चुकी है और कुछ जरूरी सुधारों के सुझाव दिए गए हैं। प्राचार्य के मुताबिक ऑडिट टीम ने अतिरिक्त एसी, पावर लाइट, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और शौचालय की व्यवस्था को बाउंड्री वॉल के भीतर करने जैसे सुझाव दिए हैं।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार पिछले एक महीने से जरूरी सुधारों पर काम चल रहा है। एसी की व्यवस्था के लिए नोटशीट तैयार कर कलेक्टर के माध्यम से पीडब्ल्यूडी को दो बार प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सभी जरूरी कार्य पूरे होने के बाद संबंधित टीम दोबारा निरीक्षण करेगी। इसके बाद ऑनलाइन परीक्षा केंद्र को संचालन की अनुमति मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्राचार्य ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद केंद्र में एक बार में करीब 200 विद्यार्थी परीक्षा दे सकेंगे। तीन शिफ्ट में एक दिन में लगभग 600 विद्यार्थियों को परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। हालांकि बोर्ड की अंतिम अनुमति मिलने तक परीक्षा पोर्टल पर केंद्र का नाम प्रदर्शित नहीं होगा। फिलहाल छात्रों का प्रदर्शन और परीक्षा केंद्र शुरू करने की प्रक्रिया दोनों पर नजर बनी हुई है।