सासाराम के तुतला भवानी देवी स्थान के पास स्थित जलप्रपात इन दिनों मानसून की बारिश के कारण बेहद आकर्षक नजर आ रहा है। पहाड़ों से गिरता पानी और चारों ओर फैली हरियाली इस पूरे क्षेत्र को प्राकृतिक सौंदर्य से भर देती है। मौसम का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।
जलप्रपात के समीप तुतला भवानी देवी का प्रसिद्ध स्थान भी मौजूद है। यहां दूर-दराज से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय मान्यता के अनुसार देवी के दर्शन और पूजा करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार तुतला भवानी देवी की प्राण प्रतिष्ठा करीब 900 वर्ष पहले क्षेत्र के खरवार राजा प्रताप धवल देव ने 19 अप्रैल 1158 को कराई थी। इस ऐतिहासिक मान्यता के कारण जलप्रपात के साथ यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित तुतला भवानी जलप्रपात करीब 800 फीट की ऊंचाई से गिरता है। मानसून के दौरान जलप्रवाह बढ़ने से इसका स्वरूप और भी भव्य हो जाता है। झरने की कल-कल आवाज और पहाड़ी हरियाली पर्यटकों को काफी आकर्षित कर रही है।
वन विभाग की ओर से बनाया गया झूला पुल भी यहां आने वाले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पर्यटक पुल से आसपास के प्राकृतिक दृश्य और जलप्रपात का आनंद लेते नजर आते हैं।
तुतला भवानी जलप्रपात जिला मुख्यालय सासाराम से लगभग 30 किलोमीटर दूर कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। मानसून के मौसम में यहां प्रकृति का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु जहां देवी के दर्शन कर रहे हैं, वहीं पर्यटक झरने और आसपास के मनोरम वातावरण का आनंद उठा रहे हैं।