टीकमगढ़ जिले में पलेरा-नौगांव मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा को लेकर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी सामने आई है। आरोप है कि टोल टैक्स की वसूली तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन यात्रियों और वाहन चालकों के लिए जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
वाहन चालकों का कहना है कि टोल परिसर में स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। महिला यात्रियों को भी इससे परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों ने संबंधित अधिकारियों से सुविधाओं को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
पलेरा-नौगांव रोड पर दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तत्काल सहायता मिलने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वाहन चालकों के अनुसार टोल क्षेत्र में एम्बुलेंस, क्रेन और टोइंग जैसी आपात सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं देती। ऐसे में किसी हादसे की स्थिति में राहत पहुंचने में देरी की आशंका बनी रहती है।
टोल प्लाजा के आसपास रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप है। इसके अलावा टोल पर वाहनों की लंबी कतार लगने और यातायात प्रबंधन को लेकर भी वाहन चालकों ने शिकायतें सामने रखी हैं।
टोल के आसपास सड़क पर गड्ढों और बारिश के दौरान कीचड़ जैसी समस्याओं का भी वाहन चालकों ने उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों में आवाजाही और मुश्किल हो जाती है, खासकर रात में वाहन खराब होने पर परेशानी बढ़ जाती है।
कुछ ट्रैक्टर चालकों ने टोल वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। एक चालक का दावा है कि उससे हर बार करीब 50 से 100 रुपये तक लिए जाते हैं। वाहन चालकों ने इस वसूली की वैधता की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, टोल नियमों के तहत किसी विशेष वाहन को शुल्क से छूट मिलती है या नहीं, यह उसके उपयोग, श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करता है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने टीकमगढ़ जिला प्रशासन तथा संबंधित NHAI अधिकारियों से टोल प्लाजा का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि टोल संचालन और उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएं। वाहन चालक टोल से जुड़ी शिकायतों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 पर भी संपर्क कर सकते हैं।