गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGU) 28 अगस्त को अपना पांचवां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। वर्ष 2021 में 12 पाठ्यक्रमों के साथ शुरू हुई विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा अब 53 विशिष्ट और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तक पहुंच चुकी है। इन पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने चिकित्सा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, कृषि, फार्मेसी, एलाइड हेल्थ साइंसेज और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का लोकार्पण 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था। शुरुआत में सीमित पाठ्यक्रमों के साथ शुरू हुआ संस्थान अब विभिन्न क्षेत्रों में डिप्लोमा, स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर तक की पढ़ाई उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय का जोर ऐसे पाठ्यक्रमों पर है, जिनसे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार और व्यावसायिक अवसर भी मिल सकें।
विश्वविद्यालय परिसर में श्री गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई संचालित हो रही है। वहीं गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बीएएमएस पाठ्यक्रम भी चल रहा है।नर्सिंग क्षेत्र में भी कई रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पैरामेडिकल, फार्मेसी और एलाइड हेल्थ साइंसेज से जुड़े कई कोर्स विद्यार्थियों को व्यावहारिक और पेशेवर शिक्षा उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं।
विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर, बायोटेक्नोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, फोरेंसिक साइंस समेत विभिन्न विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है। एमएससी स्तर पर भी कृषि और विज्ञान से जुड़े कई विशेषज्ञता आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इसके साथ ही बीबीए, बीसीए, एमबीए और एमसीए जैसे पाठ्यक्रम भी संचालित हैं। फार्मा मैनेजमेंट, एग्री बिजनेस मैनेजमेंट और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन जैसे क्षेत्र विशेष के पाठ्यक्रमों पर भी जोर दिया गया है।
विश्वविद्यालय ने रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए देश-विदेश की विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थाओं के साथ समझौते किए हैं। इन सहयोगों का उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बेहतर शोध अवसर, तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है।
विश्वविद्यालय के अनुसार बीएएमएस और एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने शोध के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। बीएएमएस के विद्यार्थियों का हर वर्ष औसतन पांच विशिष्ट अनुसंधान के लिए चयन होने की बात विश्वविद्यालय की ओर से कही गई है। वहीं एमबीबीएस के दो विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर के शोध-अनुसंधान के लिए चयन हुआ है।
एमजीयूजी में शिक्षा के साथ चिकित्सा सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विश्वविद्यालय से जुड़े अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ आयुर्वेदिक उपचार की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में गंभीर बीमारियों के उपचार और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया गया है। वहीं आयुर्वेद अस्पताल का पंचकर्म केंद्र भी उपचार सुविधाओं के लिए प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है।
विश्वविद्यालय के पांच साल के सफर में दो राष्ट्रपतियों का आगमन भी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विश्वविद्यालय का लोकार्पण किया था। इसके बाद 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने परिसर में अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम और पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का लोकार्पण किया।
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय का पांचवां स्थापना दिवस समारोह 28 अगस्त, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। समारोह दोपहर बाद 3 बजे से शुरू होगा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। विश्वविद्यालय का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रोजगारपरक शिक्षा, शोध, चिकित्सा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का और विस्तार करना है।