पन्ना। जिले के देवेंद्रनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम रैगढ़ में वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी के खिलाफ कार्रवाई की है। टीम ने एक मकान में छापेमारी कर 21 नग सागौन की चिरान और सिल्लियां बरामद कीं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 0.195 घन मीटर बताई गई है। मौके पर सागौन की लकड़ी से फर्नीचर तैयार किए जाने का काम भी पाया गया।
वन विभाग को 26 अगस्त 2026 को सूचना मिली थी कि रैगढ़ निवासी लाल बहादुर बागरी के मकान में सागौन की लकड़ी से फर्नीचर निर्माण कराया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग की टीम ने संबंधित मकान पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान मकान में रघुवीर विश्वकर्मा निवासी इंटवा महंगू को फर्नीचर निर्माण का काम करते पाया गया। तलाशी लेने पर मौके से 21 नग सागौन की चिरान और सिल्लियां बरामद हुईं। वन विभाग ने लकड़ी को अपने कब्जे में लेते हुए नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की और मौके पर पंचनामा तैयार किया।
मामले में मकान मालिक लाल बहादुर बागरी और फर्नीचर निर्माता रघुवीर विश्वकर्मा के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई उत्तर वनमंडल पन्ना के वनमंडलाधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में की गई। उपवनमंडलाधिकारी कृष्णा मरावी द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर वन विभाग की टीम ने मकान की तलाशी ली। कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक रमाकांत गर्ग, बीट प्रभारी एसपी राय, वनपाल प्रदीप गर्ग, कार्यवाहक वनपाल रावेन्द्र बागरी, वनरक्षक राकेश रजक, जीतेन्द्र कुमार लोध, विवेक चनपुरिया, मनीष शुक्ला सहित सुरक्षा श्रमिकों ने सहयोग किया।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से सागौन लकड़ी के उपयोग और फर्नीचर निर्माण को लेकर निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। विभाग ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और बरामद लकड़ी के स्रोत समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।