संसद पर आतंकी हमले की बरसी पर बुधवार को सुरक्षा में चूक के कारण बड़ी घटना हुई. लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो लोग विजटर्स गैलरी से सीधे सदन में कूदे और नारेबाजी करने लगे. उन्होंने एक केन के जरिए पीले रंग का धुआं भी छोड़ा. हालांकि दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं संसद के बाहर से भी एक महिला और एक पुरुष को पकड़े गये.
इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है. जिसके बाद से लोकसभा में दो सिरफिरों के हंगामे करने पर संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं. सवाल है कि आखिर किसी विजिटर को संसद परिसर और फिर लोकसभा या राज्यसभा की गैलरी में प्रवेश करने से पहले किस तरह की जांच प्रक्रिया से गुजरनी पड़ती है? सवाल ये भी है कि क्या जांच प्रक्रिया इतनी कमजोर है कि दो लोग किस तरह से छिपाकर लोकसभा पहुंच गए? वहीं इन सवालों के बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई जिससे साफ देखा जा सकता है कि संसद की सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है. जांच में पता चला है कि सागर और मनोरंजन के पास 45 मिनट तक ठहरने का ही विजिटर पास था, लेकिन वो दोनों 2 घंटे तक लोकसभा की दर्शक दीर्घा में ठहरे रहे.
जिसके बाद विपक्षी भी इन्हीं सवालों को लेकर सरकार को संसद में घेर रहा है. इसी वजह गुरुवार को दोनों सदनों की कार्यवाही रोकनी पड़ी. टीएमसी सांसद डेरेक ओ-ब्रायन को सभापति जगदीप धनखड़ ने जारी सत्र के बाकी हिस्से के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया है.
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आपको बता दें कि ससंद भवन के शीतकालीन सत्र के दौरान बांधा डालने वाले उपद्रवी ने संसद भवन का सिक्यॉरिटी सिस्टम कितना कमजोर है इसका अंदाजा रेकी कर पहले ही लगा लिया था. उसने पहली बार मानसून सत्र के दौरान और फिर 18 सितंबर को जब संसद के विशेष सत्र के दौरान नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था. उसे रेकी में ही पता चल गया था कि संसद भवन में प्रवेश देने से पहले होने वाली जांच में जूते नहीं खुलवाए जाते हैं. तभी सिरफिरों के समूह ने जूतों में धुआं छोड़ने वाली कलर स्टिक ले जाने का प्लान बना लिया और वो इसे अंजाम तक पहुंचाने में सफल भी रहे. मनोरंजन और सागर ने दर्शक दीर्घा से लोकसभा हॉल में प्रवेश किया था. दोनों ने कर्नाटक के मैसूरु से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की सिफारिश पर अपना विजिटर पास जारी करवाया था. लेकिन दोनों को सिर्फ 45 मिनट तक ठहरने की ही अनुमति थी, जिसके बाद भी 2 घंटे तक वहां रुके रहे. वहीं नीलम और शिंदे संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

गौरतलब है कि सीआरपीएफ डीजी अनिश दयाल के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन कर दिया गया है और आरोपियों पर आईपीसी और यूएपीए की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. वहीं आठ पार्लियामेंट स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है. हालांकि विपक्ष संसद की सुरक्षा में भारी खामी उजागर होने के बाद सरकार पर हमलावर है. इसको लेकर संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में गुरुवार को जबरदस्त हंगामा हुआ. विपक्षी सदस्य सुरक्षा के मुद्दे पर गृहमंत्री के बयान की मांग कर रहे थे. हंगामा के कारण राज्यसभा की कार्रवाई 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, जेडीयू, आप, समेत कई विपक्षी पार्टियों के सांसद सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा को लेकर नारेबाजी करते रहे. बता दें कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में मैसूर के मनोरंजन डी, लखनऊ के सागर शर्मा, हरियाणा के जिंद की नीलम और महाराष्ट्र के लातूर के अमोल शिंदे शामिल हैं। फिलहाल पुलिस विक्रम उर्फ विक्की शर्मा और उसकी पत्नी से पूछताछ कर रही है, जिसे गुरुग्राम के सेक्टर 7 से पकड़ा गया है. छठे आरोपी बिहार के ललित झा की तलाश की जा रही है जो फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों से बच रहा है.