सीहोर जिले के बुधनी नगर परिषद क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे के मध्य बने डिवाइडरों पर लाल रंग की पुताई का कार्य किया जा रहा है। पुराने पत्थरों का रंग फीका पड़ने के बाद उन्हें दोबारा रंगने का काम शुरू किया गया है।
कार्य शुरू होते ही इसकी समय-सीमा और उपयोगिता को लेकर स्थानीय नागरिकों में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम से ठीक पहले कराए जा रहे इस कार्य की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो सकते हैं, क्योंकि बरसात में रंग धुलने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह कार्य अन्य मौसमों में कराया जाता तो इसका असर लंबे समय तक बना रहता। मानसून से ठीक पहले कार्य शुरू करने के पीछे की वजह को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।
कुछ नागरिकों ने यह भी आशंका जताई है कि यह कार्य किसी बजट की समय-सीमा या अन्य प्रशासनिक कारणों से जल्दबाजी में शुरू किया गया हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जागरूक नागरिकों ने संबंधित विभाग से कार्य की स्वीकृति, लागत और तकनीकी मानकों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता आवश्यक है।
फिलहाल डिवाइडर पुताई का कार्य जारी है, लेकिन इसके समय और गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर नागरिकों की नजर नगर परिषद और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।