बिहार के जहानाबाद जिले के जाफरगंज मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद इश्तियाक आलम ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर NEET-UG परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 592 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि इश्तियाक ने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया।
मोहम्मद इश्तियाक आलम एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता मोहम्मद सगीर आलम खेती करके परिवार की जिम्मेदारी संभालते हैं। आर्थिक परिस्थितियां सीमित होने के बावजूद परिवार ने हमेशा इश्तियाक की पढ़ाई को प्राथमिकता दी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इश्तियाक ने NEET परीक्षा के पहले दो प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बाद भी हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, पढ़ाई की रणनीति में बदलाव किया और लगातार मेहनत जारी रखी। तीसरे प्रयास में उन्होंने 592 अंक हासिल कर मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया।
इश्तियाक के पिता मोहम्मद सगीर आलम ने बताया कि वह खुद ज्यादा शिक्षा हासिल नहीं कर सके, लेकिन हमेशा अपने बच्चों को बेहतर पढ़ाई देने का सपना देखा। उन्होंने बताया कि परिवार में चिकित्सा सुविधा के अभाव में एक दुखद अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि उनका बेटा डॉक्टर बने और जरूरतमंद लोगों की सेवा करे।

इश्तियाक की सफलता की खबर मिलते ही जाफरगंज मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया, मिठाई बांटी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिवार और आसपास के लोगों ने उनकी उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।
मोहम्मद इश्तियाक आलम ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग, नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और आत्मविश्वास को दिया। उन्होंने कहा कि सही दिशा में लगातार मेहनत करने से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इश्तियाक की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है।