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बैतूल के आठनेर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट

बैतूल जिले के आठनेर बस स्टैंड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में अस्थायी फल विक्रेताओं के ठेले हटाए गए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए अन्य अतिक्रमणों और यातायात अव्यवस्थाओं पर भी समान सख्ती की मांग की है।

By: Nivedita 
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बैतूल के आठनेर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल, फल विक्रेताओं की रोज़ी-रोटी पर संकट

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आठनेर नगर परिषद क्षेत्र में बस स्टैंड पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग, पुलिस और नगर परिषद की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए सबसे पहले अस्थायी फल और सब्जी विक्रेताओं के ठेलों को हटाया। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं।

फल विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट

अभियान के बाद बस स्टैंड पर वर्षों से कारोबार कर रहे कई फल विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित हुई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें किसी वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था नहीं दी गई, जिससे उनके सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है।

क्या कार्रवाई सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से होगी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टैंड परिसर में केवल ठेले ही नहीं, बल्कि कई अन्य कारणों से भी यातायात प्रभावित होता है। कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़े वाहनों और अन्य अव्यवस्थाओं से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन इन व्यवस्थाओं पर भी समान रूप से कार्रवाई करेगा या अभियान केवल अस्थायी विक्रेताओं तक ही सीमित रहेगा।

 

सड़क चौड़ीकरण के बाद भी बनी हुई हैं समस्याएं

क्षेत्र में हाल ही में सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद बस स्टैंड क्षेत्र में यातायात संबंधी समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाए तो स्थिति में सुधार हो सकता है।

निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कई लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष और संतुलित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही छोटे कारोबारियों की आजीविका और उनके पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

प्रशासनिक कार्रवाई पर बनी चर्चा

आठनेर में हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्यशैली और अतिक्रमण अभियान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि भविष्य में प्रशासन सभी प्रकार के अतिक्रमणों पर समान रूप से कार्रवाई करता है या नहीं।

 

रिपोर्ट – कमलाकर तायवाड़े

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