मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन और ऋण वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शुक्रवार को बालाघाट जिले में भी किया गया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदेशव्यापी वेबकास्ट में जिले के स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को कुल ₹300 करोड़ के ऋण वितरित किए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, वित्तीय आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
बालाघाट जिला मुख्यालय स्थित जिला ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय में वेबकास्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक श्वेता मेहतो, जिला प्रबंधक लघु उद्यमिता विकास मुकेश बिसेन, जिला प्रबंधक मूल्यांकन एवं अनुश्रवण शशांक तिवारी, जिला प्रबंधक सूक्ष्म वित्त डॉ. ममता भिमटे सहित मिशन के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य भी शामिल हुईं और मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना।

बालाघाट जिले के सभी विकासखंडों, ग्राम पंचायतों और ग्राम स्तर पर भी वेबकास्ट के माध्यम से कार्यक्रम दिखाया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने इसमें भाग लेकर ऋण वितरण प्रक्रिया और सरकार की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, स्वरोजगार और आजीविका बढ़ाने से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ नए रोजगार अवसरों से जोड़ने में मददगार साबित हो रहे हैं।