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MP News: बत्ती गुल, बंद जनरेटर और बहता गंदा पानी, बड़वानी अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खुली

बड़वानी जिला अस्पताल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुँआ है जहाँ एक ओर विगत दिनों हॉस्पिटल की बत्ती गुल हो जाने पर ओर धूल खा रहे जनरेटर स्वास्थ्य व्यवस्था टार्च के सहारे लेकर मरीजों की उपचार पर्ची सहित जिम्मेदारो की अनदेखी की तश्वीरें सीधे पोल खोलती हुई नजर आई।

By: Abhinav Tiwari 
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MP News: बत्ती गुल, बंद जनरेटर और बहता गंदा पानी, बड़वानी अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खुली

अस्पताल के बाहर सीवेज चैंबर हुआ जाम, सीएमएचओ कार्यालय की दहलीज तक बहा गंदा पानी । अस्पताल प्रबंधन की सफाई व्यवस्था का झोल कई दिनों से बह रहा था गंदा पानी। अचानक हुई बत्ती गुल ठप्प हुई सोनोग्राफी ,टार्च का लेना पड़ा सहारा ,धूल खा रहे जनरेटर ।

बड़वानी जिला अस्पताल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुँआ है जहाँ एक ओर विगत दिनों हॉस्पिटल की बत्ती गुल हो जाने पर ओर धूल खा रहे जनरेटर स्वास्थ्य व्यवस्था टार्च के सहारे लेकर मरीजों की उपचार पर्ची सहित जिम्मेदारो की अनदेखी की तश्वीरें सीधे पोल खोलती हुई नजर आई ।

बता दें कि महिला अस्पताल के भवन के ओटले के समीप बना सीवेज चैंबर जाम होने से गंदगी परिसर में बहते हुए ।गंदा पानी क्षय विभाग कार्यालय के सामने से बहते हुए सीएमएचओ कार्यालय परिसर में फैलने लगा। हॉलाकि हालात यह रहे कि सीएमएचओ कार्यालय की दहलीज तक गंदा पानी बहा। इससे आवाजाही करने वालों को जूते-चप्पल डोरपेन पर पौछने पड़े। वहीं सीवेज के गंदे पानी की दुर्गंध से अधिकारी-कर्मचारी के साथ गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को दिक्कत झेलना पड़ी।

जानकारी के अनुसार महिला अस्पताल की चार मंजिला पुरानी विंग के पास बने क्षय (टीबी) रोग कार्यालय भवन के मुख्य दरवाजे से सटकर बना सीवेज चैंबर कई दिनों से जाम होकर गंदगी बह रही थी। गंदे पानी को रोकने के लिए ईंटें जमा दी गई थी, लेकिन बुधवार को चैंबर फूल होने से गंदा पानी तेजी से परिसर में बहा। इसके बाद प्रबंधन ने चैंबर को खाली करवाया और नालियों से गाद निकलवाई। महिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा के स्थान पर सफाई व्यवस्थ की ऐसी स्थिति से सीधे तौर पर सफाई प्रबंधन व्यवस्था का झोल देखने को मिला।

नालियों में जमा हुई गंदगी

महिला अस्पताल भवन, क्षय वार्ड, सीएमएचओ कार्यालय और पीछे बने बाल कल्याण कार्यालय से सटकर बनी नाली में गंदगी जमा होने से सीवरेज का पानी जमा हो गया। सीवेज चैंबर ओव्हर फ्लो होने के बाद प्रबंधन ने नालियों की सफाई की सुध ली। सीवेज की गंदगी बहने से सीएमएचओ कार्यालय में गंदा पानी बहा और जमा हुआ, तो दुर्गंध व गंदगी के चलते क्षय रोग कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की कुर्सियां खाली नजर आई।

वहीं क्षय विभाग के समीप लगे महिला प्रसव में अचानक बत्ती गुल होने से सोनोग्राफी कुछ देर तक ठप्प हो गई जिसके चलते डॉ टार्च के सहारे काम करते नजर आए वही हॉस्पिटल केपम्स में पड़े जनरेटर धूल खा रहे शोपीस बढ़ाने का काम कर रहे है ।

बड़े-बड़े निर्माण, स्वच्छता पर नहीं ध्यान

वैसे जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में बड़े-बड़े भवनों के निर्माण हो रहे हैं। वहीं कुछ महीनों में कुछ निर्माण का लोकार्पण भी हुआ, लेकिन स्वच्छता को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे है। महिला अस्पताल की ओपीडी पंजीयन कक्ष के अंदर दीवारे पानी के रिसाव से बदरंग हो चुकी हैं, लेकिन उसकी रंगाई-पुताई तक नहीं हो पा रही। इसी तरह महिला अस्पताल में सीवेज चैंबर जाम होने इसकी पोल खुल गई। जिला अस्पताल में भी निर्माणाधीन क्रिटिकल भवन के सामने ड्रेनेज क्षतिग्रस्त होकर गंदगी-दुर्गंध फैला रही है।

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