केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा पराली जलाने के मुद्दे पर चर्चा करने और उसका समाधान निकालने के लिए 1 अक्टूबर को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा।
पराली जलाये जाने से प्रदूषण फैलने पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि डिजिटल बैठक में दिल्ली और चार पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण सचिवों के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनडीएमसी और डीडीए जैसे निगमों के सदस्य भी शामिल होंगे।
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाये गए कदमो की समीक्षा, आगे की कार्यवाही में गति और समन्वय एवं पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण से निपटने और अन्य सम्भंदित विषयो को लेकर पांच राज्यों (दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, यूपी और पंजाब)के साथ मंत्री स्तर की बैठक 1 अक्टूबर को होगी।@PMOIndia pic.twitter.com/8DmNeUewTn
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) September 29, 2020
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बैठक में पराली जलाने की समस्या को काबू करने के लिए पिछले 2 सालों में राज्यों द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ‘‘दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत में, जो अमूमन 15 अक्टूबर से शुरू होती हैं, किसान पराली को जलाना शुरू कर देते हैं और सर्दी के पूरे मौसम में इससे प्रदूषण फैल जाता है।
प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार ने कई पहल की हैं जैसे बदरपुर, सोनिपत पॉवरप्लांट बंद किया, 15 साल से रुका पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पूरा किया। BS-VI वाहन, BS-VI तेल उपलब्ध कराया। Construction and Demolition Waste rule लाए, इलेक्ट्रिकल वाहनों को सब्सिडी सहित कई कदम उठाए। pic.twitter.com/pIuSwuBBJH
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) September 29, 2020
जावड़ेकर ने कहा कि ‘‘यह (धुंध) सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर के शहरों, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के कई स्थानों तक फैली हुई है।इसलिए, इन सभी पांच राज्यों के सहयोग से हमने 2016 में इस मुद्दे से निपटना शुरू किया।