रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना का दंस झेल रहा भारत अभी इस महामारी के कहर से उबरा भी नहीं था कि, चक्रवाती तूफान ताउते ने भी देश की परेशानी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गुजरात का दौरा किया। पीएम मोदी ने तूफान से बुरी तरह प्रभावित तीन जिलों भावनगर, अमरेली, सोमनाथ और केंद्र शासित प्रदेश दीव का हवाई सर्वेक्षण किया है।
Gujarat: Prime Minister Narendra Modi holds a review meeting in Ahmedabad, to assess the situation and damage caused by #CycloneTauktae. CM Vijay Rupani also present among other officials.
PM conducted an aerial survey of cyclone-affected areas of Gujarat & Diu, earlier today. pic.twitter.com/Qtjme5aCSr
— ANI (@ANI) May 19, 2021
इसके बाद पीएम ने ताउते तूफान से हुए नुकसान और तैयारियों को लेकर अहमदाबाद में एक मीटिंग भी की। यह तूफान महाराष्ट्र में बड़ा नुकसान पहुंचाने के बाद सोमवार देर रात गुजरात के तट पर पहुंचा था। गुजरात के ऊना और गिर सोमनाथ में चक्रवात के चलते बड़ा नुकसान हुआ है। तूफान ने बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान पहुंचा है। तूफान के चलते कई जगहों पर पेड़ तक उखड़ कर गिर गये। गुजरात के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, यूपी और दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में ताउते चक्रवात का असर देखने को मिला है।

ताउते ने तेज बारिश और आंधी के साथ तबाही मचाई है। मौजूदा वक्त में इसका असर कम होता दिख रहा है। बावजूद इसके दक्षिणी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में काफी असर देखने को मिल रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के भी कई इलाकों में सुबह से ही जोरदार बारिश चल रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने जानकरी दी है कि राज्य में ताउते के कारण 16,000 घरों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 40,000 पेड़ उखड़ गए हैं। इतनी ही नहीं 70,000 बिजली के खंभे भी उखड़ गए हैं। जिससे सूबे के 5,951 गांवों में बत्ती गुल हो गई है।
इस तूफाने ने सौराष्ट्र के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। सोमवार रात को अत्यधिक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में राज्य के तट से गुजरा और देर रात डेढ़ बजे के आस-पास इसने राज्य में दस्तक दी। जिससे यहां के 15 की जान चली गई। वहीं मिली जानकारी के मुताबिक भावनगर और गिर सोमनाथ तटीय जिलों में आठ-आठ लोगों की मौत हुई। जबकि अहमदाबाद में मौत हुई। आपको बका दें साल 1998 के बाद राज्य के तटों से टकराने वाला यह सबसे भीषण तूफान था।