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पीएम मोदी बोले सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है

By: RNI Hindi Desk 
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पीएम मोदी बोले सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शताब्दी वर्ष समारोह को बतौर मुख्य अतिथि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे हैं। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने एएमयू के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक डाक टिकट भी जारी किया।

इस ही के साथ आप को बता दे कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के किसी कार्यक्रम में 56 साल बाद कोई प्रधानमंत्री शामिल होंगे। इसके पहले सन 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था।

इस बार के समारोह के लिए कई प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे।

एएमयू शिक्षकों ने इस आयोजन का स्वागत किया है। विश्वविद्यालय में धर्मशास्त्र संकाय के प्रोफेसर रेहान अख्तर काजमी ने इस बात पर खुशी जताई है कि पीएम मोदी मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने एएमयू के कुलपति के प्रयास की प्रशंसा की और इसे विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया है।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा अभी कोरोना के इस संकट के दौरान भी AMU ने जिस तरह समाज की मदद की, वो अभूतपूर्व है। हजारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है।

पीएम बोले बीते 100 वर्षों में AMU ने दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहाँ जो रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है।

उन्होंने कहा बिना किसी भेदभाव आयुष्मान योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज संभव हुआ। जो देश का है वो हर देशवासी का है और इसका लाभ हर देशवासी को मिलना ही चाहिए, हमारी सरकार इसी भावना के साथ काम कर रही है।

उन्होंने आगे कहा आज देश जो योजनाएँ बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुँच रही हैं। बिना किसी भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले। बिना किसी भेदभाव, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना किसी भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला।

अपने सम्बोधन में पीएम ने कहा सरकार higher education में number of enrollments बढ़ाने और सीटें बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। वर्ष 2014 में हमारे देश में 16 IITs थीं। आज 23 IITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे देश में 9 IIITs थीं। आज 25 IIITs हैं। वर्ष 2014 में हमारे यहां 13 IIMs थे। आज 20 IIMs हैं ।

उन्होंने कहा Medical education को लेकर भी बहुत काम किया गया है। 6 साल पहले तक देश में सिर्फ 7 एम्स थे। आज देश में 22 एम्स हैं। शिक्षा चाहे Online हो या फिर Offline, सभी तक पहुंचे, बराबरी से पहुंचे, सभी का जीवन बदले, हम इसी लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

पीएम ने कहा पिछली शतब्दी में मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही जाया हो चुका है। अब समय नहीं गंवाना है, सभी को एक लक्ष्य के साथ मिलकर नया भारत, आत्मनिर्भर भारत बनाना है।

उन्होंने आगे कहा आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की बताया जा रहा है, उस लक्ष्य की तरफ भारत कैसे आगे बढ़ता है, इसे लेकर सब उत्सुक हैं।
इसलिए हम सबका एकनिष्ठ लक्ष्य ये होना चाहिए कि भारत को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं।

पीएम बोले एक empower women का हर फैसले में उतना ही योगदान होता है, जितना किसी और का। फिर चाहे बात परिवार को दिशा देने की हो या देश को। मैं देश की अन्य शिक्षा संस्थानों से भी कहूंगा कि ज्यादा से ज्यादा बेटियों को शिक्षा से जोड़ें।

उन्होंने आगे कहा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 21वीं सदी में भारत के छात्र-छात्राओं की जरूरतों को सबसे ज्यादा ध्यान में रखा गया है। हमारे देश के युवा Nation First के आह्वान के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएम ने कहा पहले मुस्लिम बेटियों को स्कूल ड्रॉपआउट रेट 70% से ज्यादा था वो अब घटकर करीब-करीब 30% रह गया है। पहले लाखों मुस्लिम बेटियां शौचायल की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ देती थीं, अब हालात बदल रहे हैं।

पीएम ने कहा उत्कृष्ट इस्लामिक रिसर्च के केंद्र के रूप में, यह AMU की जिम्मेदारी है कि वह भारत के मुख्य मूल्यों और लोकाचारों को दुनिया में फैलाए

उन्होंने कहा देश आज उस मार्ग पर बढ़ रहा है जहां मजहब की वजह से कोई पीछे न छूटे, सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिले, सभी अपने सपने पूरे करें। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास ये मंत्र मूल आधार है। देश की नीयत और नीतियों में यही संकल्प झलकता है।

मोदी ने कहा आज देश जो योजनाएं बना रहा है वो बिना किसी मत मजहब के भेद के हर वर्ग तक पहुँच रही हैं। बिना भेदभाव, 40 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुले।
बिना भेदभाव, 2 करोड़ से ज्यादा गरीबों को पक्के घर दिए गए। बिना भेदभाव 8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को गैस मिला।

उन्होंने कहा मुझे बहुत से लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में एक शहर की तरह है। अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है। यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है।

पीएम ने कहा कोरोना संकट के दौरान AMU ने जिस तरह समाज की मदद की वो अभूतर्पूव है। लोगों का मुफ्त टेस्ट कराना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में एक बड़ी राशि का योगदान देना समाज के प्रति आपके दायित्यों को पूरा करने की गंभीरता को दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हैं। एएमयू के पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय 1920 में भारतीय विधान परिषद के एक अधिनियम के माध्यम से एक विश्‍वविद्यालय बना। इस अधिनियम के तहत मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल (एमएओ) कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देकर एक विश्वविद्यालय बनाया गया।

आप को बता दे कि एमएओ कॉलेज की स्थापना 1877 में सर सैयद अहमद खान ने की थी। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में स्थित इस विश्वविद्यालय का परिसर 467.6 हेक्टेयर भूमि पर फैला है। अलीगढ़ से बाहर इसके तीन परिसर हैं। ये कैंपस केरल के मलप्पुरम, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद-जंगीपुर और बिहार के किशनगंज में स्थित हैं।

इस ही साथ आप को बता दे कि इस महीने की शुरुआत में, विश्वविद्यालय ने घोषणा की थी कि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मुख्य अतिथि होने की उम्मीद थी। एएमयू सूत्रों के अनुसार, मुख्य अतिथि के बदलाव पर अंतिम समय में फैसला लिया गया है।

गौरतलब है कि मुहम्मद एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज 1 दिसंबर 1920 को राजपत्र अधिसूचना के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बन गया था। उस वर्ष 17 दिसंबर को एएमयू का औपचारिक रूप से एक विश्वविद्यालय के रूप में उद्घाटन किया गया था।

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