(दिल्ली यूनिवर्सिटी के भवनों का शिलान्यास करते प्रधानमंत्री)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में शिरकत की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की 3 इमारतों टेक्निकल बिल्डिंग, कंप्यूटर सेंटर और एकेडमिक ब्लॉक की आधारशिला भी रखी और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस दौरान खास बात यह रही कि पीएम मोदी दिल्ली मेट्रो में सवार होकर दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। उन्होंने मेट्रो में यात्रियों से बातचीत भी की। इसके बाद शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि डीयू ने ऐसे समय मे 100 वर्ष पूरे किए हैं जब देश अमृत महोत्सव मना रहा है। डीयू के इस 100 वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछली शताब्दी के तीसरे दशक ने स्वतंत्रता संग्राम को नई गति दी थी, अब इस शताब्दी का ये तीसरा दशक भारत की विकास यात्रा को नई रफ़्तार देगा। पीएम ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय का इतिहास बेहद खास है। किसी भी देश की यूनिवर्सिटीज, शिक्षण संस्थान, उसकी उपलब्धि का प्रतीक होते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी सिर्फ एक यूनिवर्सिटी नहीं बल्कि एक मूवमेंट रही है। इस यूनिवर्सिटी ने हर मूवमेंट को जिया है और हर मूवमेंट में जान भर दी है।

(डीयू में छात्रों को संबोधित करते पीएम मोदी)
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत में नालन्दा जैसे विश्वविद्यालय थे, तब भारत सुख-समृद्धि के शिखर पर था। जब भारत में तक्षशिला जैसे संस्थान थे, तब भारत का विज्ञान दुनिया का मार्गदर्शन करता था। ये वो समय था जब दुनिया में भारत की जीडीपी में हिस्सेदारी बहुत बड़ी थी। उन्होंने कहा कि डीयू में केवल तीन कॉलेज हुआ करते थे और अब 90 से अधिक कॉलेज डीयू का हिस्सा हैं। जिस देश में शैक्षणिक संस्थानों की जड़ें जितनी गहरी होती हैं, उस देश की शाखाएं उतनी ही ऊंचाई तक आसमान छूती हैं। आज देशभर में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का निर्माण हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, एम्स जैसे शैक्षणिक संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये संस्थान नए भारत की आधारशिला हैं। आज देशभर में बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी, कॉलेज बनाए जा रहे हैं। 2014 में, QS वर्ल्ड रैंकिंग में केवल 12 भारतीय विश्वविद्यालय थे। हालांकि, अब यह संख्या बढ़कर 45 हो गई है।

(मेट्रो में सफर कर यूनिवर्सिटी पहुंचे प्रधानमंत्री)
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के शिक्षा संस्थान दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी यानी iCET डील हो गई है। यह एक समझौता देश के युवाओं के लिए जमीन से लेकर अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर से लेकर AI तक नए अवसर पैदा करेगा। योग जैसा हमारा विज्ञान, हमारी संस्कृति, हमारे फेस्टिवल, हमारा लिटरेचर, हमारी हिस्ट्री, हमारा हैरिटेज, हमारी विधाएं, हमारे व्यंजन। आज हर किसी की चर्चा हो रही है, हर किसी के लिए नया आकर्षण पैदा हो रहा है। इसलिए उन भारतीय युवाओं की डिमांड भी बढ़ रही है जो विश्व को भारत के बारे में बता सकें। उन्होंने कहा कि हम भारत को 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना चाहते हैं।

(डीयू के शताब्दी समारोह मंच पर मौजूद पीएम मोदी व अन्य)
इस मौके पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर योगेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में विशेष कविता पढ़ी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रधानमंत्री कहां मिलते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को अद्भूत रूप से प्रभावी, मेहनती और देशप्रेमी भी बताया। इससे पहले पीएम मोदी का स्वागत मोदी मोदी, वंदे मातरम, भारत माता की जय नारों के साथ किया गया।