केंद्र सरकार की ओर से लाये तीन कृषि कानून को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में हजारों की तादाद में किसान सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का आज प्रदर्शन का 24वां दिन है।
एक तरफ जहां किसान कानून को वापस लेने के लिए लगातार प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं, तो वहीं पीएम मोदी समेत तमाम बीजेपी नेता नाराज किसानों को मनाने में जुटी हुई है।
इसके अलावा केन्द्र सरकार इस मसले पर किसानों से बात करने के लिए तैयार भी है, लेकिन किसान इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे है। वही सरकार ने ये बात साफ़ कर दिया है कि वह कृषि कानून को वापस नहीं लेगी बल्कि इसमें कुछ संशोधन करेंगे। वही किसानो का कहना है की वह कृषि कानून वापस लेने के बाद ही बात करने को तैयार होगे है।
There is a lot of content, including graphics and booklets that elaborate on how the recent Agro-reforms help our farmers. It can be found on the NaMo App Volunteer Module’s Your Voice and Downloads sections. Read and share widely. https://t.co/TYuxNNJfIf pic.twitter.com/BHfE4F410k
— Narendra Modi (@narendramodi) December 19, 2020
इस बीच, सरकार की तरफ से किसानों को यह बताने-जताने की कोशिश जारी है कि तीनों कृषि कानून उनके हित में हैं। बीजेपी के तमाम नेता, केंद्रीय मंत्री कृषि कानूनों के पक्ष में वकालत कर रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कृषि कानूनों को लेकर किसानों को भरोसा दिला रहे हैं कि ये उनके हित में है।
पीएम मोदी ने किसानों को समझाने के लिए ग्राफिक्स और बुकलेट का बी सहारा ले रही है, ताकि किसानों को इस कानून को समझने में कोई परेशानी ना हो। पीएम मोदी ने शनिवार को एक ट्वीट किया जिसमें ग्राफिक्स और बुकलेट के जरिये कृषि कानूनों के बारे में बताया गया है।
पीएम ने लिखा, ‘ग्राफिक्स और बुकलेट सहित बहुत सी सामग्री है, जो हाल ही में कृषि-सुधार हमारे किसानों की मदद करने के बारे में विस्तार से बताते हैं। यह NaMo ऐप वॉलंटियर मॉड्यूल को डाउनलोड किया जा सकता है. इसे पढ़ें और साझा करें।’
आपको बताते चलें कि पीएम मोदी भरसक प्रयास कर रहे है कि किसान इस कानून को समझे और इस आंदोलन को खत्म करें। जैसा कि बीते शुक्रवार को भी पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, “हमारी सरकार ने जो कदम उठाए, वे पूरी तरह किसानों को समर्पित हैं।
अगर हमें MSP हटानी ही होती तो स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू ही क्यों करते? हमारी सरकार MSP को लेकर इतनी गंभीर है कि हर बार बुआई से पहले MSP की घोषणा करती है।“
पीएम मोदी ने कहा था कि हमारे देश में वर्षों से फार्मिंग एग्रीमेंट की व्यवस्था चल रही है। फार्मिंग एग्रीमेंट से जुड़े पहले जो भी तौर-तरीके चल रहे थे, उनमें किसानों के लिए बहुत जोखिम था। नए कानून में हमारी सरकार ने किसानों को सुरक्षा देने के लिए कानूनी प्रावधान किए हैं।
इससे पहले किसानों के आंदोलन पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि नए साल से पहले इस मामले में कोई समाधान हो जाएगा। वहीं इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई में शीर्ष कोर्ट ने समाधान के लिए एक समिति बनाने, केंद्र सरकार को अस्थाई तौर पर कृषि कानूनों को अमल में न लाने की सलाह दी थी।