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पीलीभीत : जालसाजों का कारनामा, सरकारी डाकखाने को बेचा, रातो रात पूरी बिल्डिंग गायब

By RNI Hindi Desk 
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पीलीभीत – नटवर लाल का किस्सा तो आपने सुना ही होगा जो हर सरकारी बड़ी बिल्डिंगो को बेच देता था। लेकिन पीलीभीत के नटवर लाल असली से कही ज्यादा है। यहां सरकारी डाकखाने को न सिर्फ बेचा बल्कि रातो रात पूरी बिल्डिंग गायब कर मलबा भी साफ कर दिया और कब्जा कर लिया।

डीएम से लेकर कप्तान सोते रहे। अब घटना के एक साल बाद जब डीएम एसपी बदले तो 17 लोगो पर गैंगस्टर व दो लोगो को भूमाफियां घोषित किया है। डाकघर ने अपनी भूमि पर भी दोबारा कब्जा कर चारदीवारी करवा ली है। घटना पीलीभीत की सदर कोतवाली क्षेत्र के मेन बाजार की है।

आपको बता दें कि जब पूरा शाहर सो रहा था, तो भूमाफिया सरकारी डाकघर का मलबा ढो रहे थे। मानो पूरी रात पुलिस छुटटी पर थी और डीएम एसपी गायब थे। वरना डाकखाना गायब नही होता।

 

दरअसल पीलीभीत में जेपी रोड पर सिटी पोस्टआफिस की स्थापना 1860 में हुई थी। तीन दशक पहले बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो गयी, तो डाकघर ने इस बिल्डिंग में ताला लगा दिया और शहर में दूसरी जगह डाकखाना खोल लिया।

खाली पड़ी इस सरकारी बिल्डिंग पर भूमाफियाओं की नजर पड़ गयी और दिसम्बर 2018 में कुछ जालसाजो ने इस बिल्डिंग को बेच दिया। क्षेत्रीय लेखपाल को जब जानकारी हुई तो उसने अपनी पूरी रिर्पोट जिला प्रशासन केा सौपी। जिसमें उसने लिखा की इस बिल्डिंग को बेचा गया है और सरकारी डाकखाने की बिल्डिंग पर अवैध कब्जा हो सकता है।

आरोप है कि उस समय किसी अधिकारी ने घ्यान नही दिया। क्योकि उस वक्त के एक बड़े अधिकारी के लखनऊ में रह रहे भांजे पारसमणि पांडे व पीलीभीत की नगर पंचायत के भाजपा चेयरमेन ममता गुप्ता के बेटे शिव गुप्ता ने यह बिल्डिंग फर्जी रूप से खरीदी थी।

आरोपियो ने एक साल पहले रात में अपने साथियो के साथ जेसीबी से पूरी बिल्डिंग ढहाकर कब्जा कर लिया और रात में ही भवन के मलबे को ट्रैक्टर ट्रॉली से गायब करा दिया और सुबह जब लोग जागे तो उन्हे बिल्डिंग की जगह एक प्लाट मिला और एक टेंट में यह भूमाफिया बैठे मिले डाक विभाग को जब सूचना मिली तो उसने फोरन 13 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

लेकिन पुलिस ने जांच में खेल कर हल्की धाराये लगाकर चार्ज शीट दाखिल कर दी। कुछ माह पहले डीएम, एसपी का ट्रांसफ़र हो गया। जिसके बाद नये डीएम व एसपी ने दोबारा विवेचना कराई और 17 लोगो के खिलाफ चार्ज शीट लगवाई और सारे ही लोगो पर गैंगस्टर लगा दिया। जिसमें नगरपंचायत जहानाबाद की चेयरमेन ममता गुप्ता के पति दुर्गाचरण अन्ना व पूर्व ब्लाक प्रमुख लोकेश गंगवार को भूमाफिया घोषित कर दिया है।

कड़ी कार्यवाही के बाद भूमाफियाओ के हौसले पस्त हो चुके है। वही अब डाकघर ने अपनी जगह पर दोबारा कब्जा कर चारदीवारी करवा ली है। इस मामले में भूमाफियो ने जो हिम्मत दिखाई है। उससे साफ होता है कि सरकार की एंटी भूमाफिया कार्यवाही इन लोगो के सामने छोटी पड़ गयी थी। अगर डीएम, एसपी नही बदलते तो शायद आज सरकारी डाकघर पर आरेापी काबिज होते।

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