पलेरा तहसील के अंतर्गत ग्राम टपरियन चौहान में दलित परिवारों की पैतृक जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खंडहर में तब्दील पड़ी आबादी भूमि पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी तरीके से पट्टा जारी कराया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 40×46 मीटर का पट्टा जारी कर जमीन पर दावा किया गया, जिसे ग्रामीणों ने अवैध बताया है।
इस मामले को लेकर कामता, फूलचंद, मथुरा, परम सुख और मनू भिल्ले सहित ग्रामीणों ने तहसीलदार पलेरा और थाना प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब वे अपनी पुरानी आबादी भूमि पर निर्माण कार्य करने पहुंचे तो दबंगों ने विरोध करते हुए झगड़ा करने की स्थिति पैदा कर दी। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर और दलित समाज से आते हैं, जबकि कब्जा करने वाले लोग प्रभावशाली हैं। इसी कारण वे डरे हुए हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी पैतृक जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए।