नई दिल्ली : चारों तरफ बड़े-बड़े पेड़, ना पत्तियां, ना शाखाएं, सूखे तने। जंगल ऐसा मानो, जैसे ‘भुतहा जंगल’, जिसमें पेड़ तो हैं, लेकिन उसके तने सूखे और ग्रे रंग के हैं। इन निर्जीव पेड़ों के इस जंगल ने दुनियाभर के पर्यावरणविदों को चिंता में डाल दिया है। इस डरावने जंगल में सैकड़ों ऐसे पेड़ हैं जो जिंदा तो हैं, लेकिन मुर्दा की तरह। क्योंकि इसमें जीवन नहीं है लेकिन ये लगातार फैलता जा रहा है। ये जंगल अब इतना बड़ा हो गया है कि अंतरिक्ष से भी ये साफ-साफ दिखाई देता है।

पर्यावरणविद इसे पर्यावरण परिवर्तन (Climate Change) का नतीजा बता रहे हैं। नॉर्थ कैरोलिना के डरहम स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी की बायोलॉजिस्ट और इस स्टडी की प्रमुख शोधकर्ता एमिली ऊरी ने कहा कि ऐसा समुद्री जलस्तर के बढ़ने की वजह से हो रहा है। इसकी वजह से ढेर सारा समुद्री नमकीन पानी एलिगेटर रिवर नेशनल वाइल्डलाइफ के पेड़ों तक पहुंच रहा है। जिसकी वजह से जमीन के अंदर के बीज, मिट्टी और जड़ों को नमक ज्यादा मिल रहा है। इसलिए पेड़ इस तरह से ठूंठ बनते जा रहे हैं।

एमिली ने साल 1985 से लेकर 2019 तक के NASA लैंडसेट सैटेलाइट की तस्वीरें देखीं। ये तस्वीरें इसी वाइल्डलाइफ इलाके की थीं। इन तस्वीरों में जो ‘भुतहा जंगल’ (Ghost Forest) दिखाई दे रहा है, उसने एलिगेटर रिवर नेशनल वाइल्डलाइफ की 21 हजार एकड़ की जमीन पर कब्जा कर लिया है। लगातार बढ़ रही समुद्री लहरों की वजह से पिछले कुछ सालों में ही एक किलोमीटर का जंगल भूतिया हो गया है। यानी तने सूख गए हैं। इनमें न पत्तियां हैं न ही शाखाएं, जो ठूंठ की तरह बढ़ते जा रहे है।

एमिली के मुताबिक समुद्री जलस्तर बढ़ने के अलावा इंसानों द्वारा समुद्र में फेंके जा रहे गटर के पानी की वजह से भी ये हालत हुई है। इसके अलावा 2011 में आए हरिकेन इरीन (Hurricane Irene) ने भी बड़े पैमाने पर यहां तबाही मचाई थी। इस तूफान के समय समुद्र से 6 फीट ऊंची लहरें उठी थीं, जिसने जंगल के अंदर 2 किलोमीटर तक बाढ़ ला दिया था। यानी इतने बड़े इलाके में नमकीन पानी की मात्रा बढ़ गई थी। इसकी वजह से हरे-भरे जंगल के पेड़ अब सूख गए हैं।

हरिकेन इरीन (Hurricane Irene) के आने के पांच साल बाद तक स्थिति ऐसी ही रही। इसके बाद पानी का स्तर लगातार कम होता गया, जिसके बाद जंगल ने खुद को सुधारना शूरू किया लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। साल 2012 में ही 11 हजार एकड़ में फैले सभी पेड़ ‘भुतहा जंगल’ (Ghost Forest) में तब्दील हो गए। जबकि इससे पहले पिछले 35 सालों में ये सिर्फ 2800 एकड़ तक ही फैल पाए थे। ये बदलाव इतने बड़े पैमाने पर हुआ कि अंतरिक्ष में स्थित स्पेस स्टेशन से भी ये नजारा स्पष्ट दिख रहा है।

वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रहे समुद्री जलस्तर का बड़ा कारण है क्लाइमेट चेंज और बड़े समुद्री तूफान जो ज्यादा तबाही लाते हैं। समुद्री बाढ़ आने से नमक की मात्रा इतनी ज्यादा हो जाती है कि मिट्टी, पेड़, बीज आदि सब नष्ट होने लगते हैं या फिर उनका विकास रुक जाता है।
‘Ghost forests’ are invading the North Carolina coast https://t.co/PfT5ltdMHE pic.twitter.com/IEAPFsM3H2
— Live Science (@LiveScience) April 8, 2021
न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया यूनिवर्सिटी के असिसटेंट प्रोफेसर जैकी ऑस्टरमैन ने कहा कि तूफान जैसी शॉर्ट टर्म समस्याएं समुद्र जलस्तर को बढ़ा देती है। इसकी वजह से जंगलों को दिक्कत होती है। इंसानों को ये सारी दिक्कतें समझनी चाहिए। हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना जरूरी है।

आपको बता दें कि नॉर्थ कैरोलिना अमेरिका 9वां सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। इसकी सीमाएं वर्जिनिया, जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना और टेनेसी से जुड़ती है। एक तरफ अटलांटिक महासागर है। इस राज्य में लगभग हर तरह का मौसम देखने को मिलता है। यहां बर्फबारी भी होती है बारिश भी होती है और गर्मी भी पड़ती है, लेकिन इन पेड़ों पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ता।