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India-Nepal Relations : पीएम मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को दी शुभकामनाएं, भारत-नेपाल संबंधों में नई उम्मीद

India-Nepal Relations : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को उनके पद संभालने पर शुभकामनाएं दीं।भारत हमेशा नेपाल की शांति, विकास और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं।पूर्व राजदूत जयंत प्रसाद ने भी कार्की के नेतृत्व को चुनावों में निष्पक्षता और स्थिरता लाने वाला बताया।

By: RNI Hindi Desk 
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India-Nepal Relations : पीएम मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को दी शुभकामनाएं, भारत-नेपाल संबंधों में नई उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि भारत हमेशा नेपाल की शांति, विकास और समृद्धि के लिए समर्पित है। सोशल मीडिया पर साझा अपने संदेश में पीएम मोदी ने लिखा कि “नेपाल की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाली माननीय सुशीला कार्की जी को हार्दिक बधाई। भारत नेपाल के भाइयों और बहनों की शांति, विकास और समृद्धि के लिए समर्पित है।”

भारत और नेपाल के बीच सदियों से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच 1751 किलोमीटर लंबी सीमा साझा की जाती है, जो भारत के पांच राज्यों सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से मिलती है। भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत प्रधानमंत्री मोदी मई 2014 में सत्ता संभालने के बाद से अब तक पांच बार नेपाल का दौरा कर चुके हैं। इसी दौरान नेपाल के प्रधानमंत्रियों ने भी 10 बार भारत का दौरा किया है, जो दोनों देशों की कूटनीतिक निकटता को दर्शाता है।

शुक्रवार को नेपाल संसद को औपचारिक रूप से भंग कर दिया गया है और मार्च 2026 तक नए चुनाव कराए जाने की घोषणा हुई है। ऐसे समय में सुशीला कार्की का अंतरिम प्रधानमंत्री पद संभालना नेपाल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। नेपाल में भारत के पूर्व राजदूत जयंत प्रसाद ने भी उनके कार्यभार संभालने को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सुशीला कार्की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यक्तित्व के रूप में जानी जाती हैं और वे आगामी चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न करा सकती हैं।

जयंत प्रसाद ने कहा कि नेपाल एक स्थिर नेतृत्व की तलाश में था और सुशीला कार्की इस भूमिका को अच्छे तरीके से निभा सकती हैं। उन्होंने बांग्लादेश की स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कार्यवाहक सरकार के बावजूद चुनाव लंबे समय से नहीं हुए, लेकिन नेपाल में कार्की की नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उम्मीद है कि समय पर चुनाव कराए जाएंगे। इससे पहले भी 2013 में, मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार ने चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए थे।

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