संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की संसदीय दल की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। यह बैठक विशेष रही क्योंकि इसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता को लेकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। भाजपा और सहयोगी दलों के सांसदों ने ‘हर हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ जैसे नारों से प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया। उनके गले में पुष्पमालाएं पहनाकर और तालियों की गूंज के साथ देश के सुरक्षा प्रयासों को सलाम किया गया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’, भारत द्वारा मालदीव में चलाए गए एक रणनीतिक मिशन को लेकर चर्चा में रहा, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक कौशल का प्रतीक माना जा रहा है। बैठक में सांसदों ने इस अभियान को ऐतिहासिक बताया और मोदी सरकार की विदेश नीति और रक्षा नीति की सराहना की।
बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से हुई। उन्होंने विपक्ष पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, “विपक्ष अब ‘सेल्फ गोल’ करने में ही लगा है। उनकी रणनीति देशहित नहीं, बल्कि व्यक्तिगत राजनीति तक सीमित रह गई है।” पीएम ने यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए का फोकस केवल विकास, सुरक्षा और जनकल्याण पर है।
बैठक में आगामी विधायी एजेंडे, सत्र के बाकी कार्यों और राजनीतिक रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पीएम मोदी ने सांसदों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में जाकर सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं और विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्यवाहियों के पीछे सरकार की मंशा को समझाएं।
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा समेत अन्य प्रमुख नेता उपस्थित रहे। गठबंधन सहयोगी दलों ने भी मोदी सरकार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए एकजुटता दिखाई।
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब संसद के मानसून सत्र में विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ की ओर से सरकार पर हमले तेज हो गए हैं। ऐसे में एनडीए की यह बैठक न केवल एक रणनीतिक समन्वय का मंच थी, बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बहाने राष्ट्रीय गौरव और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन भी बन गई।