नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हथियारों से लैस नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने जिले के अमदाई खदान पर हमला कर दिया और सड़क निर्माण में लगे कम से कम चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट के बाद नक्सिलयों ने 12 कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
बता दें कि अमदाई खदान छोटा डोंगर पुलिस थाना क्षेत्र में ही आती है। जहां रोज की तरह शनिवार सुबह को भी काम हो रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया। हालांकि 12 कर्मचारियों को बंधक बनाने के बाद 10 कर्मचारियों को छोड़ दिया है, लेकिन दो का अभी भी पता नहीं है।
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोहित गर्ग ने बताया कि यह घटना छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के आमदई खदान क्षेत्र की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे कम से कम चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया और दो ऑपरेटरों के लापता होने की सूचना है।
खदान में उत्पादन शुरू होना बाकी
एसपी मोहित गर्ग ने आगे बताया कि जायसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड (JNIL) को आवंटित इस खदान में उत्पादन शुरू होना बाकी है और साइट पर प्री-माइनिंग ग्राउंड का काम चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और उनके और विद्रोहियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिक जानकारी की प्रतिक्षा है।
डीआरजी से मुठभेड़ में तीन लाख का इनामी नक्सली ढेर
बता दें कि पिछले दिनों बस्तर जिले के एलंगनार के जंगल में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लाख का इनामी प्लाटून नंबर 26 का डिप्टी कमांडर जोगा मारा गया था। उससे एक 303 राइफल, एक पिस्टल व एक वायरलेस सेट बरामद किया गया है। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान चलाया गया। एसएसपी दीपक झा ने बताया कि डीआरजी की टुकडि़यां गश्त पर निकली थीं। इस दौरान एलंगनार के पास नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब आधे घंटे तक चली गोलीबारी के बाद नक्सली भाग खड़े हुए। मौके की तलाशी लेने पर एक वर्दीधारी नक्सली का शव बरामद किया गया।