गंगोह ब्लॉक के गांव खैरसाल में लगभग 8 वर्षों से स्वास्थ्य उपकेंद्र सफेद हाथी बना हुआ है। ग्रामीणों को अभी तक इसका कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है।
बीमार होने पर ग्रामीण अभी भी पास पड़ोस के कस्बों में अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। ग्रामीण मास्टर सेठपाल का कहना है कि 8 वर्ष पहले जब सरकार के द्वारा उनके गांव में यह स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया गया था। तब उन्हें बड़ी खुशी हुई थी।
उन्हें उम्मीद हुई थी कि अब इलाज के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उनका कहना है कि 8 साल पहले गांव में यह स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार तो हो गया था।
लेकिन आज तक इसका ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। मास्टर सेठपाल का कहना है कि उन्होंने ग्रामीणों के साथ इस स्वास्थ्य केंद्र को चलवाने के लिए कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई हैं। लेकिन किसी ने भी आज तक ग्रामीणों की इस जनहित की मांग को गंभीरता से नहीं लिया है।
ग्रामीण मास्टर सेठपाल का कहना है कि अधिकारियों की निष्क्रियता की वजह से गांव के कुछ लोगों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र में अवैध कब्जा कर लिया है।उनके पशु स्वास्थ्य उपकेंद्र में बंधे हुए हैं।
पशुओं का चारा स्वास्थ्य उपकेंद्र में पड़ा हुआ है।अनाज स्वास्थ्य उपकेंद्र में पड़ा हुआ है और यहां तक स्वास्थ्य केंद्र में बने हुए कमरों में भी अवैध कब्जा धारी रहने का काम कर रहे हैं।
मास्टर सेठपाल की मांग है कि यदि प्रशासन इस ओर ध्यान दें तो यह स्वास्थ्य उपकेंद्र अवैध कब्जा मुक्त भी हो जाएगा और डाक्टरों की नियुक्ति पर ग्रामीणों को इसका लाभ भी होगा-इसके साथ साथ स्वास्थ्य उप केंद्र के चलने से पास पड़ोस के और भी कई गांव लाभान्वित होंगे।
उधर इस पूरे मामले पर जिला चिकित्सा अधिकारी बी.एस.सोढ़ी का कहना है कि स्वास्थ्य उप केंद्र में कब्जाधारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी जिससे वहां पर सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलने लगेंगी।