Home Madhya Pradesh 18 साल के प्यार के बाद हुई थी शादी, कोरोना से पति की हुई मौत तो प्रोफेसर पत्नी ने भी लगा ली फांसी

18 साल के प्यार के बाद हुई थी शादी, कोरोना से पति की हुई मौत तो प्रोफेसर पत्नी ने भी लगा ली फांसी

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रिपोर्ट: सत्यम दुबे

इंदौर: कोरोना के दूसरे लहर के कहर से न जानें कितनी जिंदगियां चली गई, माहामारी ने देश में तबाही मचा दी है। किसी को कुछ भी समढ नहीं आ रहा, केंद्र सरकार से लेकर देश की सभी राज्य सरकारें बेबस सी हो गई है। कोरोना के कहर का एक ऐसा खौफनाक मंजर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से सामने आया है, जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जायेंगे।

आपको बता दें कि राजेंद्र नगर के सेंचुरी पार्क में रहने वाली 34 साल की प्रोफेसर नेहा पंवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इससे पहले बुधवार सुबह ही उनके पति डिप्टी रेंजर पवन पंवार की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी।

पांच साल पहले नेहा और पवन ने लव मैरिज की थी। दोनो आपनी जिंदगी बड़ी खुशी-खुशी जी रहे थे, लेकिन पवन को कोरोना संक्रमण ने जकड़स लिया, 15 दिनों तक चली जिंदगी और मौत की जंग के बीच पवन आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। पवन के मौत की सूचना जब पत्नी नेहा को हुई तो उसे जान से भी ज्यादा चाहने वाली पत्नी नेहा ने भी खुद को फांसी लगा अपनी जान दे दी।

दोनो पहले प्यार किया उसके बाद शादी भी कर ली, लोकिन किसी ने सोचा नहीं था जबकि दोनों के हंसी-खुशी जिंदगी में इस तरह की कोई समस्या भी आयेगी। नेहा निजी कॉलेज में प्रोफेसर थी तो वहीं पवन पीएससी के जरिये रेंजर के पद पर चयन हुआ था लेकिन कोरोना के कारण वो ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पाए थे।

19 अप्रैल को 36 साल के पवन में कोरोना संक्रमण की पुष्टी हुई, 18 साल पुराने प्यार को शादी के बंधन में जुड़े अभी 5 साल ही बीते थे कि पवन संक्रमण से जंग हार गया।  भंवरकुआ क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। जैसे ही पत्नी को इस बात की जानकारी लगी तो उसकी दुनिया लुट गई।  इधर, पवन के परिजन बड़वानी से तो नेहा के परिजन बिलासपुर से इंदौर पहुंच चुके थे।

आपको बता दें कि पवन की बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए बड़वानी ले जाने की तैयारी हो रही थी तो नेहा अपने परिजन के साथ कपड़े लेने के बहाने राजेंद्र नगर के सेंचुरी पार्क स्थित घर जा पहुंची। जहां नेहा ने अपने ही घर मे फांसी लगा ली।

परिजनों की मानें तो, नेहा और पवन की लव स्टोरी 18 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा से शुरू हुई थी जिसका दुःखद अंत कोरोना के एपिसेंटर बन चुके इंदौर में हो गया। पिछले 15 दिनों से हर पल अपने पति के स्वस्थ होने का इंतजार कर रही प्रोफेसर नेहा का सब्र का बांध टूट गया और उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

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