लॉकडाउन 3.0 की शुरुआत 4 मई से हो गई। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने प्रतिबंधों में बहुत हद तक ढील दी है। चूंकि पूरी दिल्ली रेड जोन है, ऐसे में उन्होंने केंद्र से अपील की थी कि केवल कंटेनमेंट जोन को ही रेड जोन घोषित किया जाए। सोमवार को दिल्ली के सरकारी/प्राइवेट दफ्तर खुल गए। सीएम केजरीवाल ने सचिवालय में कैबिनेट मीटिंग की। इसके अलावा शराब की दुकानें भी खुलीं जहां लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में छूट दिए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि यहां और कड़े ऐक्शन की जरूरत है। छूट कम से कम दी जानी चाहिए।
दिल्ली में क्यों सख्ती चाहती है केंद्र सरकार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि वह ऑफिशियली कुछ नहीं कहेंगे। मगर व्यक्तिगत तौर पर उन्होंने कहा, “मैं ऐसा मानता हूं कि दिल्ली देश के गिने-चुने उन प्रदेशों में से हैं जहां कोरोना की स्थिति को काबू करने के लिए और ज्यादा गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उस नाते लॉकडाउन 3.0 के तहत, मेरे विचार में दिल्ली जैसी जगह में कम से कम छूट दी जानी चाहिए। लेकिन यह निर्णय राज्य सरकार का है। होम मिनिस्ट्री ने डिटेल्ड गाइडलाइंस दिए हैं लेकिन अपने-अपने स्टेट की परिस्थिति के हिसाब से स्टेट गवर्नमेंट को यह निर्णय करना है कि उनके प्रदेश में किस गाइडलाइंस को किस मात्रा में फॉलो करना उचित है।”