रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का शनिवार 21 अगस्त को लखनऊ के PGI में लंबी बीमारी के कारण निधन हो गया। रविवार 22 अगस्त को उनका अंतिम दर्शन किया जा सकेगा। वहीं सोमवार 23 अगस्त को अंतिम दर्शन के बाद अलीगढ़ में उनके पैतृक जिले में अंतिम संस्कार किया जायेगा।

निधन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल का शव लखनऊ स्थित उनके आवास पर ले जाया गया है। अंतिम दर्शन के बाद उनका शव पैतृक जिले अलीगढ़ ले जाया जाएगा। 23 अगस्त को अतली के नरौरा में अंतिम होगा।
कल्याण सिंह भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक रहे। कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर को दर्शन के लिए रविवार को विधान भवन और फिर बीजेपी कार्यालय पर रखा जाएगा। इसके बाद रविवार 2 बजे अलीगढ़ के लिए पार्थिव शरीर को ले जाया जायेगा।
आपको बता दें कि लंबी बिमारी के कारण शनिवार को उनका निधन हो गया। कल्याण सिंह के 4 जुलाई को संजय गांधी PGI के क्रिटिकल केयर मेडिसिन के ICU में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया था। लंबी बीमारी और शरीर के कई अंगों के धीरे-धीरे फेल होने के कारण उनका निधन हो गया।

राममंदिर आंदोलन में कल्याण सिंह ने अपनी एक नई पहचान बना ली थी। विवादित स्थल पर जब ढांचा गिराया गया था, उस वक्त कल्याण सिंह ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। ढाचा गिरने के बाद कल्याण सिंह मुख्यमंत्री होने के नाते जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद से हिंदूओं में कल्याण सिंह के लिए और सम्मान बढ़ गया।
दुख की इस घड़ी में मेरे पास शब्द नहीं हैं। कल्याण सिंह जी जमीन से जुड़े बड़े राजनेता और कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ एक महान व्यक्तित्व के स्वामी थे। उत्तर प्रदेश के विकास में उनका योगदान अमिट है। शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति! pic.twitter.com/Z3fq49n1yE
— Narendra Modi (@narendramodi) August 21, 2021
उनके निधन की खबर आते ही BJP सहित सभी राजनीतिक पार्टियों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,गृहमंत्री अमित शाह,रक्षामंत्री राजनाथ सिंह,यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेंत तमाम दिग्गज नेताओं ने शोक व्यक्त किया।