शाजापुर नगर पालिका में अध्यक्ष प्रेम जैन और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) भूपेंद्र कुमार दीक्षित के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। हाल ही में नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने सीएमओ पर विकास कार्यों में सहयोग न करने और कामकाज में बाधा उत्पन्न करने के आरोप लगाए। वीडियो में प्रेम जैन कहते नजर आए कि सीएमओ उन्हें जनहित के कार्य नहीं करने दे रहे हैं, जिसके कारण शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया। कांग्रेस ने प्रेस वार्ता आयोजित कर नगर पालिका अध्यक्ष के आरोपों का जवाब दिया और शहर की विभिन्न समस्याओं के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष अजीज मंसूरी ने कहा कि नगर पालिका की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है और जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।

मंसूरी ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में समय पर पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर के कचरा निस्तारण स्थल (डंपिंग ग्राउंड) से लगातार उठने वाले धुएं के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
कांग्रेस ने सीवरेज परियोजना पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सीवरेज व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके अलावा नामांतरण, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को नगर पालिका के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अजीज मंसूरी ने शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं के कारण कई बार बच्चों और राहगीरों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन नगर पालिका द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली चिल्लर (चित्रलेखा) नदी की दुर्दशा पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि नदी की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वह अब नदी के बजाय नाले जैसी दिखाई देने लगी है। कांग्रेस का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद विकास कार्यों का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा और शहर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।