दतिया जिले के इंदरगढ़ नगर में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में की गई।
जानकारी के अनुसार कृषि उपज मंडी के पीछे स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक खसरा एवं सर्वे नंबर 146 और 147 की सरकारी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा झोपड़ीनुमा निर्माण कर निवास किया जा रहा था तथा भूमि पर खेती भी की जा रही थी।
मामले की जांच के बाद तहसील न्यायालय ने संबंधित अतिक्रमणकारियों किशोर पुत्र चंद्रपाल सिंह एवं हरिमोहन पुत्र बद्री प्रसाद को कब्जा हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। साथ ही बेदखली आदेश भी जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।

शनिवार को एसडीएम अशोक अवस्थी और एसडीओपी अजय चानना के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस, नगर परिषद और मंडी विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को हटाया गया और भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
एसडीएम अशोक अवस्थी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य की शासकीय भूमि को मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार दीपक यादव, कार्यपालक मजिस्ट्रेट आनंद भदौरिया, नायब तहसीलदार मनोज दिवाकर, थाना प्रभारी गौरव शर्मा, लांच थाना प्रभारी शत्रुघ्न मिश्रा, मंडी सचिव विक्रम जाटव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा न करें और ऐसी जानकारी मिलने पर प्रशासन को सूचित करें।