यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों में नेताओं के दलबदल के साथ ही गठबंधनों के बनने-बिगड़ने को लेकर सम्भारवनाओं और आशंकाओं का दौर भी अभी थमा नहीं है। यूपी में चुनावी सियास गर्म हो गई है, हर पार्टी अपना दाव खेल रहे ही।
वही, कल बीजेपी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के नई दिल्ली स्थित आवास पर पंचायत और ज़िला स्तर के क़रीब 200 प्रभावी जाट नेताओं की बैठक हुई थी। इसी दिन भाजपा की ओर से राष्ट्री य लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी को ऑफर दिया गया था। गुरुवार को जयंत चौधरी ने इस न्योओते को ठुकराते हुए तमाम सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं कोई चवन्नी नहीं जो पलट जाऊं।’
जयंत चौधरी ने कहा कि कल रात से एक खबर चल रही है कि दिल्लीा में एक बहुत बड़ी बैठक हुई। ये लोग कहां गए थे जब लखीमपुर में किसानों को कुचला गया, रौंदा गया। पशु के ऊपर भी कोई इस तरह से गाड़ी, इंसानियत रखने वाला, कोई भी इंसान इस तरह की वारदात नहीं करेगा। आज भी वे लोग मंत्री बने बैठे हैं। ये लोग कहां थे जो आज मुझसे-आपसे उम्मीसद कर रहे हैं। मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा। ये हमारे मान-सम्माोन की बात है। ये फैसले मैं अकेले नहीं लेता। बहुत सोच विचार कर हमने ये फैसला लिया है।
वहीं, जयंत चौधरी ने कल ही बीजेपी के ऑफर को ठुकराते हुए कहा था कि उनकी बजाय बीजेपी को उन 700 किसान परिवारों का न्योता देना चाहिए, जिनके घर उजड़ गए। गुरुवार को उन्होंने एक बार फिर बीजेपी के इस ऑफर पर अपनी बात रखी।